लखीमपुर खीरी। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित लालपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में बैडमिंटन, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल के लिए कोच नहीं हैं। इससे इन खेलों के खिलाड़ियों को नियमित और तकनीकी प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है।
स्टेडियम में तीनों खेलों के आधुनिक कोर्ट और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन लंबे समय से कोच के पद रिक्त होने के कारण खिलाड़ी अपने स्तर पर ही अभ्यास करने को मजबूर हैं।
बीते एक वर्ष में स्टेडियम में खेल सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। बैडमिंटन, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल के आधुनिक कोर्ट तैयार हैं, लेकिन प्रशिक्षकों के अभाव में उनका अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
खिलाड़ियों का कहना है कि विशेषज्ञ कोच के बिना तकनीकी कमियां दूर करना और प्रतियोगिताओं की बेहतर तैयारी करना मुश्किल है। उप क्रीड़ा अधिकारी मोहम्मद इरफान ने बताया कि वर्तमान में स्टेडियम में फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स और हैंडबॉल के कोच तैनात हैं। उनके निर्देशन में फुटबॉल के 45, हॉकी के 35, एथलेटिक्स के 50 और हैंडबॉल के 30 खिलाड़ी नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिन खेलों के लिए कोच उपलब्ध नहीं हैं, उनके पद भरने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सत्र बीच में होने के कारण नए कोच मिलने की संभावना अगले सत्र में ही है।
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नया एथलेटिक्स ट्रैक, हाईमास्ट लाइटें लगाई गईं
करीब एक वर्ष में 14 करोड़ रुपये की लागत से लालपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। नया एथलेटिक्स ट्रैक, हाईमास्ट लाइटें, इंडोर हॉल का नवीनीकरण, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और टेबल टेनिस कोर्ट बनाए गए हैं। खेल उपकरणों के लिए स्टोर रूम, खिलाड़ियों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री, महिला-पुरुष शौचालय ब्लॉक तथा स्विमिंग पूल का भी नवीनीकरण कराया गया है।