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किशनपुर में बाघ देख रोमांचित हुए सैलानी, खींची फोटो

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बाघ देख रोमांचित हुए सैलानी, खींची फोटो

पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व में सर्दी के बाद सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। किशनपुर में जिप्सियों में सवार होकर जंगल जाने वाले अधिकतर सैलानियों को वनराज बाघ के दर्शन हो रहे हैं। इसमें सैलानी बाघ देखकर काफी रोमांचित हो रहे हैं तथा उसकी फोटो अपने-अपने कैमरों में उतार रहे हैं। साथ ही गैंडों को देखकर भी सैलानी काफी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के विशालकाय साल व सागौन के मनमोहक वन में बाघ, गैंडा, हाथी, भालू, पाड़ा, चीतल, काकड़, सांभर, मगर, वानर व बारहसिंगा आदि स्वच्छंद वास करते हैं। इसीलिए दुधवा दर्शन के लिए बड़ी संख्या में देशी विदेशी सैलानी लालायित रहते है। शहर क्षेत्र से कहीं ज्यादा जंगली इलाकों में इन दिनों सर्दी का कहर बढ़ गया है। सर्दी के बावजूद भी दुधवा में सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। इतना ही नहीं दुधवा में आने वाले अधिकतर सैलानियों को बाघ भी निराश नहीं जाने दे रहे हैं। सबसे अधिक बाघों की साइटिंग किशनपुर में हो रही है। वहीं दुधवा में सलूकापुर में एक सींघ वाले गैंडों को देखकर भी सैलानी काफी उत्साहित हो रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व में करीब 75 बाघ वास करते हैं लेकिन इन बाघों में आधे से अधिक बाघ किशनपुर रेंज में पाये जाते हैं। इसलिये दुधवा आने वाले सैलानी बाघों के दीदार के लिये किशनपुर जरुर आना चाहता है। कुल मिलाकर किशनपुर दुधवा का दिल है। बाघों के दीदार में किशनपुर क्षेत्र देश से लेकर विदेश तक काफी फेमस है। लेकिन किशनपुर में पर्यटकों की सुविधाओं का टोटा है।
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वन्यजीव प्रेमियों ने देखा बाघ, खींची फोटो
वन्यजीव प्रेमी अनुराग कुमार के साथ पर्यवरण संरक्षण के लिए आए ग्रुप के सदस्यों ने किशनपुर में बाघ देखा साथ ही उसकी फोटो भी खींची। ग्रुप में करूण अग्रवाल, वसुधा अग्रवाल, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. रिचर्ड, अज गुप्ता, मोहित, रुचिरा सिंह आदि शामिल रहे। इस ग्रुप के मुताबिक गुलरी घाट, घघरौला व सोनारीपुर में बाघ सैलानियों को दिखता है।
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साइबेरियन पक्षियों ने झादीताल में डाला डेरा
किशनपुर बाघों के कुनबे को लेकर जाना जाता है लेकिन इस क्षेत्र में स्थित झादीताल में हर साल साइबेरियन पक्षियों का डेरा रहता है। इसी में साइबेरियन मेहमानों ने अपने समय पर आकर झादीताल में डेरा जमाया है। इन दिनों सुरखाल, पेंटल, लालसर व नीलसर साइबेरियन पक्षी यहां आ पहुंचे हैं।
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