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तेंदुआ ने गाय का किया शिकार

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तेंदुआ ने गाय का किया शिकार

ममरी। रविवार की शाम महेशपुर रेंज के रामपुर मक्का गांव में आबादी के समीप विचरण कर रहे तेंदुआ ने द्वारिका प्रसाद की गाय पर हमला कर मार डाला, जिससे गांव में दहशत फैल गई है।
रामपुर मक्का में द्वारिका प्रसाद की गाय पर तेंदुआ ने हमला बोल दिया। गाय के रंभाने और गांववालों के शोर मचाने पर तेंदुआ गाय को अधमरा छोड़कर गन्ने के खेत में चला गया। बाद में गांव के लोग गाय को उठा लाए, जिसकी बाद में मौत हो गई। रामपुर मक्का गांव से जंगल की दूरी चार किलोमीटर है। तेंदुआ के हमले से गांव के लोग दहशत में हैं जो खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि यह पहला मौका है जब तेंदुआ आबादी के निकट आ पहुंचा है।
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सूचना पर पहुंचे वीट फारेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक राजेश कुमार, विनीत सिंह ने तेंदुआ के गाय पर हमले, पगचिन्ह मिलने की पुष्टि कर बताया कि तेंदुआ अभी तक गन्ने के खेत में ही मौजूद है। उन्होंने गांववालों को सतर्क रहने को कहा है।
ग्रंट गंगापुर के गांव जमुनहा के समीप गुरुवचन सिंह के खेतों में दो बाघों के पगचिन्ह दिखे। सुबह टहलने गए हरजीत सिंह, रोहित कुमार, पुनीत कुमार, अमन कुमार आदि ने बाघों के पगचिन्ह देखे। करीब दो माह पूर्व अशरफनगर ग्रंट में जीवन के खेत में बछड़े को बाघ ने निवाला बनाया था। वहीं से होते हुये दो बाघों के पगचिन्ह कुलवंत सिंह, इंद्रजीत सिंह के खेतों से निकलते हुए सिसईया घाट की ओर बने मिले हैं। दो बाघों की चहलकदमी से जमुनहा, जवाहरपुर, दन्नापुर, कोटनाथ, अशरफनगर, सुभाषनगर, आसीनपुर गांवो में बाघ की दहशत का माहौल है ।
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खेतों में शावकों संग विचरण कर रही बाघिन, दहशत
ममरी। वनरेंज मोहम्मदी क्षेत्र में बिहारीपुर फार्म के पास एक बाघिन दो शावकों साथ गन्ने और लाही के खेतों में लगातार देखे जाने से फार्म वासियों में दहशत है। बिहारीपुर फार्म निवासी राजपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह, इकबाल सिंह, गुरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि माता भुइया देवी मंदिर, कठिना नदी के दहौरा घाट से लेकर फार्म तक खेतों में गन्ना खड़ा है। जहां एक बाघिन दो शावकों संग निरंतर खेतों में देखी जा रही है, जिससे किसान दहशत में हैं। फार्म के लोग सुबह शाम खेत की ओर नहीं जा पा रहे हैं। वहीं किसानों का कहना है कि बाघ बाघिन से यह लाभ मिला कि फसल को नुकसान पहुंचाने वाले नीलगाय, जंगली सुअर, चीतल आदि का सफाया हो गया है। लेकिन दिक्कत यह है कि गन्ने की छिलाई कराते वक्त कई लोगों को लाठी डंडे, बंदूकें लेकर बाघ की निगरानी करनी पड़ती है। वनकर्मियों का कहना है कि बिहारीपुर फार्म के पास शावकों संग देखी गई बाघिन पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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