निघासन। बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में बाढ़ और कटान की आशंका को देखते हुए तहसील प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। बाढ़ प्रभावित गांवों की निगरानी के लिए 12 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं, वहीं चार स्थायी बाढ़ केंद्रों की स्थापना भी की गई है।
प्रशासन द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त नावें और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है। सभी गोताखोरों को टीम बनाकर अलर्ट मोड में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
तहसील क्षेत्र से होकर सरयू, शारदा, सुहेली, जौराहा और मुहाना जैसी आधा दर्जन से अधिक नदियां गुजरती हैं, जो बरसात के समय अपना रौद्र रूप धारण कर लेती हैं। इससे न केवल मैदानी इलाकों में तबाही मचती है, बल्कि कई मजरे पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो जाते हैं।
तहसीलदार मुकेश कुमार वर्मा ने बताया, कि राहत कार्यों को बेहतर ढंग से अंजाम देने के लिए हर बाढ़ केंद्र पर लेखपाल, चिकित्सक, पशु चिकित्सक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम तैनात की गई है। ये टीमें न सिर्फ राहत चौकियों पर मौजूद रहेंगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण और लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाओं का वितरण भी करेंगी।
प्रशासन ने जारी किया सहायता नंबर
बाढ़ राहत से संबंधित किसी भी प्रकार की मदद के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 9454416593 जारी किया है।