निघासन। सिंगाही, धौरहरा वनरेंज का भ्रमण करने के बाद निघासन लुधौरी वनरेंज पहुंची बाघिन एक बार फिर खैरहनी के गन्ने के खेत में देखी गई है। हलांकि लालबोझी, निघासन में बाघिन के होने की सूचना मिली। बाद में लोगों ने बताया कि बाघिन नहीं वह कुत्ता था। वन विभाग ने एक बार फिर खैरहनी में बाघिन को खदेड़ने का प्रयास कर रहा है।
11 फरवरी से कई स्थानों पर भ्रमण करने के बाद बाघिन खैरहनी में शुक्रवार को रामुकमार की घोड़ी को अपना निशाना बनाते हुए गन्ने के खेत में घुस गई थी। उसके बाद वनविभाग को उसकी कोई लोकेशन नहीं मिली। रविवार को बाघिन के होने की जानकारी साधू पुरवा में हुई। टीम साधू पुरवा पहुंची। वहां पर बाघिन के पगमार्क आदि नहीं दिखे। रविवार शाम करीब पांच बजे एक बार फिर राहगीरों ने बताया कि खैरहनी के पूर्व प्रधान जगदीश गुप्ता के गन्ने के खेत में बाघिन घूम रही है। रेंजर पलटू राम राना वहां पहुंचे और बाघिन की चहलकदमी सुनाई पड़ी। इससे पहले कस्बे के श्मशान घाट में बाघिन के होने की अफवाह फैली। जब वहां पर लोगों ने जाकर देखा तो कुत्ते के पैरों के निशान दिखाई पड़े। यही आलम लालबोझी में भी दिखा। रेंजर ने बताया कि बाघ को खदेड़ने का प्रयास जारी है।