जिला योजना समिति ने आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 में विकास कार्यों का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। शासन ने जनपद की विकास योजना का आकार निर्धारण करते हुए 533.23 करोड़ रुपये परिव्यय निर्धारित कर दिया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जिला योजना तैयार कर निर्धारित तिथियों में जमा कराने के आदेश दिए हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर 10 फरवरी 2018 तक विकास योजना तैयार की जानी है। क्षेत्र पंचायतों स्तर पर ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को समेकित करते हुए 15 फरवरी तक विकास योजना तैयार की जाएगी। जिला पंचायत स्तर पर क्षेत्र पंचायतों की विकास योजनाओं को शामिल करते हुए विकास का खाका खींचा जाएगा। वहीं नगरीय निकायों में भी 10 फरवरी तक विकास योजनाएं तैयार की जानी हैं। इसके बाद संबंधित विभागों जिला स्तरीय/नोडल अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका, अपर मुख्य अधिकारी निर्धारित प्रारूप पर सारी सूचनाएं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में 18 फरवरी 2018 तक जमा कराएंगे, जबकि समस्त बीडीओ निर्धारित प्रारूप पर ग्राम पंचायत की विकास योजनाएं बनाकर 10 फरवरी तक डीपीआरओ कार्यालय और क्षेत्र पंचायतें विकास योजना को 15 फरवरी 2018 तक अपर मुख्य अधिकारी कार्यालय में जमा कराएंगे।
बेरोजगारी की समस्या से निपटना प्राथमिकता
शासन ने जिला योजना तैयार करने के लिए कुछ निर्देश दिए हैं, जिसमें ऐसे कार्यक्रमों को शामिल करने पर जोर है जिनसे गरीबी और बेरोजगारी की समस्या से निपटा जा सके। पिछड़े क्षेत्रों के विकास को तरजीह दी जाएगी। भवनों के निर्माण कार्य के लिए निर्माण एजेंसी का चयन पहले से ही चयन करने के निर्देश दिए हैं।
सभी विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर जिला योजना समिति विचार विमर्श कर 20 फरवरी तक जिला योजना को अंतिम रूप से तैयार करेगी। इसके बाद विकास योजना शासन के पास भेजी जाएगी, जिसके लिए 28 फरवरी 2018 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
- तिलक सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी