लखीमपुर खीरी।
जिले में 24 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतकों के घरों में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
पहला हादसा थाना ईसानगर क्षेत्र में शुक्रवार को हुआ। थाना ईसानगर के गांव समरदा निवासी रामलखन(45) बाइक से जा रहे थे। ऐरा चीनी मिल और समरदा के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को एंबुलेंस 108 से जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टर ने रामलखन को मृत घोषित कर दिया। दूसरी घटना शनिवार सुबह थाना खीरी क्षेत्र में शंकरपुर चौराहे के पास हुई। इसी थाना क्षेत्र के गांव नकहा निवासी अमित वर्मा की पत्नी की तबियत ठीक नहीं थी। वह अपनी पत्नी सीमा को लेकर दवा दिलाने लखीमपुर आ रहा था। शंकरपुर चौराहा और मठियापुरवा के बीच सुबह करीब 10 बजे पीछे से आ रही डीसीएम ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे दंपति घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने अमित वर्मा(30) को मृत घोषित कर दिया। इससे उसके परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिवार के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
हादसे के बाद याददाश्त खो बैठी सीमा
हादसे में पति अमित वर्मा को खोने वाली पत्नी सीमा वर्मा का हादसे में एक हाथ टूट गया है। पति की मौत होने के बाद वह अपनी याददाश्त खो बैठी है। मोरचरी के पास बैठी सीमा की आंखों के आंसू सूख चुके थे। परिवार की महिलाएं उससे पति के अंतिम दर्शन करने के लिए कह रहीं थीं, लेकिन ऐसा लग रहा था कि मानो उसे कुछ पता ही नहीं है। वह गुमसुम बैठी बस इधर-उधर देख रही थी। उसके एक साल का पुत्र और ढाई साल की पुत्री है।
बाइक के आगे बंदर आने से देवर भाभी घायल
धौरहरा खीरी। बहराइच जिले के कैसर गंज निवासी शिवकुमार अपनी भाभी उर्मिला को लेकर बाइक से रमियाबेहड़ क्षेत्र के गांव रमुआपुर रिश्तेदारी में जा रहे थे। धौरहरा-ढखेरवा मार्ग पर चन्दपुरा गांव के निकट ईट भट्ठे के पास अचानक बंदरों का झुंड सामने आ गया, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर गिर गयी। हादसे में देवर-भाभी घायल हो गए, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से सीएचसी लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने दोनों को छुट्टी दे दी। बंदरो के आतंक के चलते राहगीर अक्सर चोटिल हो रहे हैं। किसानों की फसले भी बंदर चौपट कर रहें है। इस तरफ वन विभाग सहित आला अफसर ध्यान नही दे रहे है ।