लखीमपुर खीरी/ममरी।
अशर्फीगंज के युवक लालाराम वर्मा को निवाला बनाने वाला खूनी बाघ चार दिन बीतने के बाद भी जंगल में न जाकर अपना ठिकाना नयागांव के दक्षिण गन्ने के खेत में बनाए हुए हैं। जहां से महेशपुर जंगल की दूरी दो फर्लांग और नयागांव, बिहारीपुर की दूरी एक किलोमीटर बताई गई है। वन कर्मियों की टीम तीन दिनों से बाघ को जंगल में खदेड़ने के लिए गन्ने के खेत में कांबिंग कर रही है, जहां उन्हें बाघ की लोकेशन मिल रही है।
रेंजर एसएन यादव ने बताया कि 21 को महेशपुर के पूरब खेत में गन्ने की पत्ती काटने गए अशर्फीगंज के युवक लालाराम (22) को बाघ ने हमला कर मार डाला था, जिसकी निगरानी करने के लिए मोहम्मदी, मैगलगंज, गोला रेंज के वनकर्मी तीन दिन से ग्रामीणों के साथ गन्ने के खेतों में कांबिंग कर रहे हैं। खूनी बाघ की निगरानी में लगे फॅारेस्टर ओपी वर्मा, रमेश मिश्रा, रामनरेश वर्मा, कृष्ण कुमार, बृजेश कुमार, जेपी वर्मा, अशोक शुक्ला, अशोक वर्मा, अभिषेक, उमेशचंद आदि वनकर्मियों का कहना है कि बाघ के पदचिन्हें के आधार पर रविवार को बाघ की लोकेशन रम्मापुर गांव के दक्षिण गन्ने के खेतों में पाई गई थी, जबकि सोमवार को उसकी लोकेशन महेशपुर जंगल से दो फर्लांग पहले और नयागांव, बिहारीपुर गांव के दक्षिण एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में मिली। घटनास्थल से इस स्थान की दूरी महज डेढ़ किमी होगी। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि बाघ को जंगल में खदेड़ने का प्रयास हो रहा है, उन्होंने लोगों से संयम से काम लेने और सतर्क रहने को कहा है। रेंजर का कहना है कि हो सकता है कि बाघ बीती रात जंगल में चला गया हो, फिर भी उसकी निगरानी कराई जा रही है।