तीन गांवों में मचाया उत्पात, लकड़बग्घा होने की संभावना
भीरा वन रेंज के तीन गांवों दौलतापुर, रैनागंज और रामनगर कलां में गुरुवार रात को किसी जंगली जानवर ने घरों में घुसकर सो रहे 11 लोगों को काट लिया। अचानक किसी जानवर के हमला करने से गांव में हल्ला मच गया, लोग घरों से निकल कर जानवर की तलाश में जुट गए पर वह नहीं मिला । प्रत्यक्षदर्शियों एवं मौके पर मिले पगमार्क देखने के बाद जानवर के लकड़बग्घा होने की संभावना जताई जा रही है। घायलों को सीएचसी में इलाज के लिए लाया गया पर एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने के कारण जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
बिजुआ पुलिस चौकी क्षेत्र के दौलतापुर गांव में रात को जीतराम के घर में घुसे जानवर ने जीतराम और उसकी पत्नी को काट लिया, अचानक इस हमले से हड़बड़ा कर उठे जीतराम ने डंडा लेकर उसे दौड़ा लिया। इसके बाद उक्त जानवर रैनांगज गांव में घुसकर बाड़ी में बंधे जानवरों को काटने लगा, लोग घरों से बाहर निकले तब तक जानवर ने गांव के रामाधीन के पुत्र सर्वेश और संजय, उनकी पत्नी जगपति, हरद्वारी लाल पुत्र बाबूराम, उमाशंकर की पत्नी रामदेवी, संजय की चार साल की पुत्री नेहा को भी काट लिया। लोग लाठी-डंडा लेकर जानवर को ढूंढने निकले। इसी दौरान जंगली जानवर ने कई पालतू जानवरों को भी काट लिया। यहां से निकले जंगली जानवर ने रामनगर कलां गांव के रामस्वरूप पुत्र दुजई को भी काट लिया। घायलों को सुबह 108 एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया। यहां पर प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पाकर भीरा रेंजर आरबी वर्मा के अलावा महकमे के सत्यप्रकाश, ब्रजेश कुमार, अवनीश सीएचसी पहुंचे फिर मौके पर गए। जानवर के पगमार्क और लोगों से पूछताछ के बाद वन कर्मी इसे लकड़बग्घा मान रहे हैं। चौकी इंचार्ज अजय शर्मा ने लोगों से रात को सजग रहने की अपील की है।
नही मिले एंटी रैबीज इंजेक्शन
बिजुआ। सीएचसी में करीब छह माह से एंटी रैबीज इंजेक्शन नही है, लोग वापस जा रहे हैं। शुक्रवार की सुबह जब घायल सीएचसी पहुंचे तो यहां पर उन्हें इंजेक्शन नही मिल सके।