गलत इलाज से चली गई आंख की रोशनी
बिजुआ। जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, लेकिन इन पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। रविवार को एक ऐसा ही मामला बिजुआ सीएचसी क्षेत्र में प्रकाश में आया। गांव गोदियाना निवासी एक ग्रामीण ने पास के ही गांव के एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से अपनी बच्ची की आंखों की रोशनी चले जाने का आरोप लगाते हुए चौकी पुलिस को तहरीर दी है।
गांव गोदियाना निवासी छुटकन्ने ने बताया कि तीन दिन पूर्व नौ माह की पुत्री को बुखार आया था। उसकी पत्नी पास के गांव हरैया में दवाखाना चला रहे एक डॉक्टर के यहां लेकर गई। जहां पर डॉक्टर ने बच्ची को इंजेक्शन लगाया और एक सीरप देकर घर भेज दिया। छुटकन्ने का कहना है कि घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद बच्ची की हालत और बिगड़ गई, जिससे उसके शरीर के एक हिस्से ने काम करना ही बंद कर दिया। उसने बताया कि दूसरे दिन बिजुआ स्थित सरकारी अस्पताल लेकर गए जहां पर डॉक्टर ने बच्ची की आंखों की रोशनी चले जाने की जानकारी दी। छुटकन्ने का कहना है कि इस संबंध में चौकी पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
बच्ची का गलत इलाज किए जाने से उसकी आंखों की रोशनी चले जाने के मामले की शिकायत मिली है। जल्द ही झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सुनीत कुमार, चौकी इंचार्ज बिजुआ।
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाया जाता है। हालांकि इस मामले की जानकारी नहीं है। सोमवार को मामले की जानकारी करके झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को लिखा जाएगा।
- डॉ. अमितेश द्विवेदी, अधीक्षक सीएचसी बिजुआ