लखीमपुर खीरी। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उससे दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे विष्णुदेव सिंह ने दोषी को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी पर 19 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मोहम्मदी थाना क्षेत्र के गरबापुर निवासी गुलजार उर्फ गुंजार ने 10 नवंबर, 2013 को क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उसके बाद दुष्कर्म करने के बाद जिला हरदोई में धर्म परिवर्तन कराते हुए किशोरी को जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया गया।
पीड़िता के परिजनों की शिकायत के बावजूद पुलिस ने लंबे समय तक कार्रवाई नहीं की। कई बार थाने का चक्कर लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। अफसरों के आदेश को भी मोहम्मदी पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद अदालत के आदेश पर गुलजार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई और पुलिस ने पीड़िता को पांच महीने की गर्भवती अवस्था में तलाश लिया।
करीब साढ़े बारह साल की लंबी अदालती कार्यवाही के बाद शुक्रवार को अदालत ने दोषी को सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में यह भी व्यवस्था की है कि वसूली गई जुर्माने की रकम में से आधे की राशि पीड़िता को दी जाएगी।
तिकुनिया कांड क्रॉस केस की सुनवाई 12 फरवरी को
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड के क्रॉस केस की सुनवाई शुक्रवार को एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान कई पेशियों के बाद विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर सुधीर चंद्र पांडेय अदालत में पेश हुए। हालांकि, तिकुनिया कांड से संबंधित माल मुकदमा अदालत में अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश नहीं किया जा सका।
अदालत को बताया गया कि मालखाने में तलाशी जारी है। इस पर अदालत ने 12 फरवरी को माल मुकदमा पेश करने का आदेश दिया और पूर्व विवेचक इंस्पेक्टर सुधीर चंद्र पांडेय को अदालत में हाजिर रहने के लिए निर्देशित किया। संवाद