जिला अस्पताल में बनाया गया हीट स्ट्रोक वार्ड। संवाद
ओयल। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तेज गर्मी पड़ने की आशंका जताई है। इस दौरान तेज गर्म हवा के थपेड़ों से आम जनमानस को होने वाले दुष्प्रभाव से बचाने के लिए प्रशासन कमर कसने का दावा कर रहा है। इसको लेकर जिला अस्पताल के प्रथम तल पर 10 बेड़ का हीट स्ट्रोक वार्ड बनाकर तैयार कर लिया गया है। जहां लू से प्रभावित होने वाले लोगों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज लखीमपुर में तैनात हीट स्ट्रोक इंचार्ज डॉ. कमलेंद्र वर्मा ने बताया कि गर्मी के दिनों में अक्सर तेज गर्म हवा चलती है। इसकी चपेट में आने से कई लोगों के शरीर में तेजी से पसीने के साथ नमक व पानी निकल जाता है। इससे प्रभावित कई लोगों में सिर दर्द, हाथ-पैरों में ऐंठन, बेहोशी आदि के लक्षण सामने आते हैं। ऐसे मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड का वार्ड रिजर्व कर लिया गया है।
लू चलने पर थोड़े-थोड़े अंतराल में पीते रहें ओआरएस
बोले, इससे बचाव के लिए लोगों को दोपहर में तेज धूप में घर से निकलने से बचना चाहिए। आवश्यक होने पर सूती फुल आस्तीन के कपडे़ पहनने चाहिए। सिर को सूती कपड़े या गमछा आदि से ढककर निकलना चाहिए। इसके अलावा थोड़े-थोड़े अंतराल पर साफ पानी अथवा ओआरएस का घोल पीते रहना चाहिए। संभव हो तो ओआरएस घोल साथ लेकर ही निकलें।
धूप में काम करने वालों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। चक्कर अथवा बेहोशी लगने पर इलेक्ट्रॉल का पानी पीना चाहिए, जिससे शरीर में नमक व पानी की कमी पूरी होती रहे। शरीर का तापमान कम करने के लिए गीले कपड़े से शरीर को पोंछना चाहिए। छांव में कुछ देर आराम करें, यदि फिर भी राहत न मिले तो किसी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा प्रशिक्षित डॉक्टर की सलाह लें। धूप से आकर तुरंत ठंडे पानी से हाथ-पैर न धोएं, कुछ देर आराम करें। दिन में आम दिनचर्या वाले व्यक्ति को कम से कम 5-6 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। शुगर के मरीजों को चिकित्सक की सलाह पर घोल आदि लेना चाहिए।
जिला अस्पताल में बनाया गया हीट स्ट्रोक वार्ड। संवाद