मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोपी घर छोड़कर भाग गए हैं। रामकोला थाना क्षेत्र के मांडेराय विद्युत उपकेंद्र से करीब 25 गांवों की आपूर्ति होती है। मांडेयराय गांव में फाल्ट के कारण बिजली आपूर्ति ठप थी।
शाम 4 बजे गांव के करीब दस युवक झुंड में पहुंचे और फाल्ट को ठीक करने के लिए ड्यूटी पर तैनात एसएसओ अमरनाथ कुशवाहा से शटडाउन देने को कहा। एसएसओ ने मना कर दिया। इसी बात पर युवकों से कहासुनी के बाद और मारपीट हो गई।
युवक एसएसओ की पिटाई करने लगे। शोर सुनकर जेई रविंद्र कुमार पहुंचे और बीच बचाव करने लगे। नाराज युवकों ने जेई का भी सिर फोड़ दिया। दोनों बिजलीकर्मी जमीन पर गिर गए। युवकों ने उपकरण तोड़ दिया, रजिस्टर फाड़ दिया और कुर्सी मेज तोड़ दी। इसके बाद युवक भाग निकले।
घायलों को रामकोला सीएचसी पहुंचाया गया। एसएसओ की हालत नाजुक देख डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जेई को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की जानकारी होने के बाद एसडीओ और कई जेई पहुंच गए।
जेई रविंद्र कुमार की तहरीर पर पुलिस ने गांव के राजकुमार चौबे, विवेकानंद, धर्मेंद्र, सुमित, टिवंकल, नितेश, विशाल, राघवेंद्र, रणबीर और रतन पर प्राथमिकी दर्ज किया है। रामकोला थानाध्यक्ष धनबीर सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
मांडेयराय बिजली उपकेंद्र पर तोड़फोड़ और मारपीट के बाद जिले के जेई, एसडीओ और एक्सईएन रामकोला सीएचसी पर पहुंचे। थाने पर पहुंचे अवर अभियंताओं ने चेतावनी दिया कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। तोड़फोड़ के चलते दो घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही है।
इसके बाद बिजली कर्मियों ने उपकेंद्र में हुए तोड़फोड़ को ठीक किया। इस घटना के बाद गांव में मौजूद लोगों का आरोप है कि बिजली खराब होने पर जल्दी कोई बनाता नहीं है। शिकायत लेकर जाने पर सीधे मुंह ड्यूटी पर तैनात बिजलीकर्मी बात नहीं करते हैं।