सुकरौली। हाटा कोतवाली क्षेत्र के घोरटप भिसवा गांव के रामकृपाल यादव की दो दिन पहले तबीयत बिगड़ गई। परिजन बालेश्वर चौराहा पर एक मेडिकल स्टोर पर लाए। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आरोप है कि मौत के बाद मेडिकल स्टोर संचालक ने एंबुलेंस बुलाकर हाटा सीचसी भेज दिया। वहां जाने पर डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज तीमारदार मेडिकल स्टोर पर पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। पुलिस इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालक समेत छह नामजद और 15 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
हाटा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घोरटप भीसवा निवासी उमेंद्र यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता रामकृपाल यादव (45)की तबीयत बिगड़ने पर 23 मई को उन्हें बालेश्वर चौराहा स्थित एक मेडिकल स्टोर पर इलाज के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक डॉ. विनोद पांडेय ने बिना समुचित जांच किए दवा और इंजेक्शन देकर उपचार किया परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन उनको रेफर नहीं किया गया। उसी दिन शाम को तबीयत अधिक खराब होने पर मेडिकल स्टोर संचालक एंबुलेंस बुलाकर रामकृपाल यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा भेजा दिया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर पहुंचे परिजनों के साथ मारपीट की गई। सूचना पर आई पुलिस ने मामला शांत कराया। पुलिस इस मामले में डॉ. विनोद पांडेय, विवेक पांडेय, अमित मदेशिया, मुकेश यादव, कृष्णा पांडेय और बबलू कनौजिया समेत 15 नामजद पर प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। संजय दुबे ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मेडिकल स्टोर की आड़ में इलाज करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों को जांच की जा रही है। जिस मेडिकल स्टोर पर घटना हुई है। उसकी जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। मेडिकल स्टोर पर इलाज करना गलत है। -डॉ. अजय सिंह, सीएचसी अधीक्षक हाटा