फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: जीवन जीने की समग्र पद्धति है योग

Sat, 11 Apr 2026 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
राजकीय बौद्ध संग्रहालय में आयोजित योग शिविर में योगा करते छात्र। संवाद
विज्ञापन
कसया। बुद्ध पीजी काॅलेज की ओर से राजकीय बौद्ध संग्रहालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का समापन रविवार को हुआ। शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। मुख्य अतिथि प्रो. सुनीता दूबे (अध्यक्ष, शिक्षा संकाय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय) ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र पद्धति है। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में योग मानसिक शांति, एकाग्रता और आत्मनियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ व्यक्तित्व भी निखरेगा। विशिष्ट अतिथि प्रो. उर्मिला यादव ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो न केवल रोगों से मुक्ति दिलाता है, बल्कि सकारात्मक सोच और आत्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रो. कुमुद त्रिपाठी ने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग अनुशासन, संयम और सकारात्मक जीवन दृष्टि का विकास करता है।
विज्ञापन

शिविर के समन्वयक कृष्ण कुमार जायसवाल ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित करना है।
प्रशिक्षक डॉ. राकेश सोनकर ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम की वैज्ञानिक विधियां समझाईं। उन्होंने बताया कि नियमित योग से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और तनाव कम होता है। वहीं प्रशिक्षिकाएं मनीषा कुशवाहा और संजना श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में विवेक कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक आकर्षण का केंद्र रहे। नाटकों के माध्यम से स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया। संग्रहालय प्रभारी तेज प्रताप शुक्ल ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया। अंत में डा सीपी सिंह ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें