पिपरा कनक। रमजान के पाक महीने के आखिर अशरे में आने वाली लैलतुल कद्र (शबे क़द्र) की रात में रोजेदारों ने पूरी रात इबादत में मशगूल रहे। रोजेदारों ने ने बताया कि मुकद्दस की इस रात में इबादत का विशेष महत्व होता है। इसलिए रोजेदार पूरी रात नमाज, तिलावत-ए-कुरआन और दुआओं में मशगूल रहते हैं। इस दौरान मुस्लिम धर्म मानने वाले लोग मस्जिदों में इकट्ठा होकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगते।
क्षेत्र के पिपरा कनक गांव निवासी हाफिज जुहैर रजा गौहरी ने बताया कि लैलतुल कद्र की रात हजार महीनों से बेहतर मानी जाती है। इस रात में की गई इबादत का सवाब अल्लाह तआला कई गुना बढ़ा देते हैं। इसलिए रोजेदार इस रात को ज्यादा से ज्यादा इबादत कर अपनी आखिरत को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। मस्जिदों और घरों में पूरी रात इबादत का माहौल बना रहता है। संवाद