पडरौना। उठहु हे देव उठहु, सुतले भइले छह मास...परंपरागत गीत के साथ बृहस्पतिवार को गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई गई। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज व श्रद्धाभाव के साथ गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाकर विधि विधान से पूजन कर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की।
शहर में गोवर्धन पर्व को लेकर बृहस्पतिवार की सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गईं थीं। शहर के बुढि़या माई मंदिर, जगदीशपुरम कॉलोनी, ओंकार वाटिका, तुलसी आवास विकास कॉलोनी समेत अन्य मोहल्लों में गोवर्धन की पूजा कर परिवार की खुशहाली की मनौतियां मांगी। तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, सेवरही क्षेत्र में बृहस्पतिवार को भैया दूज व गोधन कूट का त्योहार धूमधाम से मनाया गया।
इस दिन महिलाओं व लड़कियों ने रेंगनी के कांट व उपला से अपने भाईयों को श्राप देकर मारती हैं, फिर उन्हे जीवित कर उसी कांट व उपला सहित बजरी व मिष्ठान के साथ सेवरही कस्बा के साथ राजपुर खाश, टिकुलिया, ब्रह्मपुर, जगदीश पुर, मिश्रौली, डोमाठ, राजपुर बगहा, पिपराघाट, जंगली पट्टी, सुमही संतपट्टी, अवदान टोला, कतौरा, पिरोजहा, रानीगंज, पकड़ीयार पूरबपट्टी सहित अन्य सभी गांव में धूमधाम से मनाया गया। इस दिन बहनों से अपने भाईयों को बजरी खिलाकर उनके दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की।
जौरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, बृहस्पतिवार को महिलाओं ने पारंपरिक रीति रिवाज व श्रद्धाभाव के साथ गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाकर विधि विधान से पूजा की।