पडरौना। हरका में मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण में लगे कामगारों ने बुधवार को भुगतान की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। मेन गेट पर ताला बंद कर कामगारों ने बिजली आपूर्ति भी बाधित कर दी। इससे ड्यूटी पर जाने वाले मेडिकल कॉलेज के एसआर और जेआर घंटों परेशान रहे। किसी तरह कामगारों को समझा-बुझाकर डॉक्टर वहां से ड्यूटी के लिए तो निकल गए, लेकिन जो डॉक्टर यहां रहे, उन्हें घंटों बिजली कटौती के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। नाराज एसआर और जेआर ने शाम को आवासीय परिसर में बैठक कर प्राचार्य डॉ. आरके शाही को पत्र भेजकर बिजली-पानी आदि की समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर शीघ्र इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो वे हड़ताल पर चला जाएंगे।
हरका में बने मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई होगी और जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर बनाए गए भवन में मरीजों का उपचार किया जाएगा। दोनों जगहों पर भवन निर्माण का काम पूरा हो चुका है। लेकिन, अब तक भवन को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। मेडिकल कॉलेज के लिए एसआर और जेआर की नियुक्ति भी की जा चुकी है। जुलाई महीने से 100 सीटों पर नामांकन कर मेडिकल की पढ़ाई शुरू करने की भी तैयारी है। मगर, आधी अधूरी तैयारी के बीच इस सत्र में पढ़ाई को शुरू करा पाना कठिन दिख रहा है। कारण यह कि अब तक हरका में बने को बिजली का कनेक्शन भी नहीं मिल सका है। जबकि यहां पर नियुक्त एसआर और जेआर अपने आवास में रूक भी रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण निरंतर बिजली की आपूर्ति भी नहीं मिल पा रही है। मेस और पानी का भी कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में एसआर और जेआर यहां रूकने से कतरा रहे हैं। बिजली की समस्या को लेकर प्राचार्य डॉ. आरके शाही प्रयास कर रहे हैं। अभी इन समस्याओं से निजात भी नहीं मिली थी कि बुधवार की सुबह कामगारों ने बवाल काट दिया। आरोप था कि कार्यदायी संस्था काम कराने के बाद उनका भुगतान नहीं कर रही है। सुबह मेन गेट पर कामगारों की ओर से ताला बंद किए जाने के कारण ड्यूटी पर निकलने वाले एसआर और जेआर डॉक्टरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों का आरोप था कि कामगारों ने बिजली की आपूर्ति को भी बाधित कर दिया। इससे उन्हें इस गर्मी के मौसम में और परेशानियों का सामना करना पड़ा। 0
हड़ताल की चेतावनी के साथ प्राचार्य और सीएम से की शिकायत :
मेडिकल कॉलेज में नियुक्त किए गए एसआर और जेआर डॉक्टरों ने बुधवार की शाम आवासीय परिसर में बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की। डॉक्टरों का कहना था कि बिजली और पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। बकाए के कारण तीन दिन पहले बिजली काट दी गई थी। आश्वासन मिला था कि चार दिन के अंदर नया कनेक्शन हो जाएगा। लेकिन तीन दिन का समय बीतने के बाद भी कनेक्शन के लिए न तो तार खींचा गया और न ही कोई जिम्मेदार यहां पहुंचा। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण बिजली होने के बाद भी उन्हें पांच से छह घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। मेस तक की यहां व्यवस्था नहीं है। इसके चलते यहां रुकने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो वे हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। इसके बाद एसआर और जेआर ने प्राचार्य समेत सीएम के ऑनलाइन पोर्टल पर पत्र भेजकर समाधान की मांग की।