नेबुआ नौरंगिया। कोटवा कला में एक दुकान पर मजदूरी करके मंगलवार देर रात घर लौटते समय कोटवा कला में ही ट्राॅला की चपेट में आने से 30 वर्षीय प्रदीप कुशवाहा की मौत होने से परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। मजदूरी करके पूरे परिवार का भरण-पोषण करने वाले प्रदीप की मौत के बाद उसके दो बच्चे, बूढ़ी मां, पत्नी व विकलांग भाई का इकलौता सहारा छिन गया।
नेबुआ-नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा कला गांव निवासी प्रदीप कुशवाहा मजदूरी करता है। उसकी पत्नी रीना व दो बच्चे मोहित (6), संतोष (9) हैं। तीन भाई हैं, जिसमें वह छोटा था। दूसरे नंबर का दिव्यांग भाई अंगद भी साथ में रहता है। उसकी बेवा मां शंकुतला अक्सर बीमर रहती है, जो दवा के सहारे चल रही है। घर की माली हालत ठीक नहीं है। घर का प्रदीप ही इकलौता कमाऊ सदस्य था। खेती नाम मात्र की है। मजदूरी करके वह मंगलवार शाम 8:30 बजे घर को लौट रहा था।