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Kushinagar News: युवाओं के बाद महिलाओं ने शराब तस्करी को दी रफ्तार

Wed, 22 Jan 2025 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी पडरौना/गुरवलिया बाजार। बिहार में शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद तस्करी के नए-नए तरीके अपना कर शराब पहुंचाई जा रही है। अब तक कैरियर के रूप में सिर्फ युवा ही इसमें शामिल हो रहे थे, लेकिन अब महिलाएं भी इस खेल में मोहरा बन चुकीं हैं। बिहार के गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण में विभिन्न माध्यमों से शराब लाकर होम डिलीवरी कर दोगुनी रकम कमाने के लिए यह जोखिम उठाने से परहेज नहीं कर रही हैं। सीमावर्ती तरयासुजान और आसपास के पुरुष और युवक अक्सर ही शराब तस्करी की खेप के साथ गोपालगंज और अन्य जनपदों में गिरफ्तार होते आए हैं, लेकिन पिछले दिनों तरयासुजान क्षेत्र की महिला तस्करों की भी गोपालगंज पुलिस ने गिरफ्तारी की है। इसके पहले भी हरियाणा आदि जगहों से शराब ले जाते हुए महिला तस्कर गोपालगंज और पश्चिम चंपारण की बगहा पुलिस के हत्थे चढ़ चुकीं हैं।
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बिहार में 2016 में शराबबंदी के बाद तस्करी की ओर रुख करने वाले युवाओं ने अकूत संपत्ति अर्जित कर ली। हरियाणा, बठिंडा, पंजाब, चंडीगढ़, हिसार और दिल्ली से युवकों ने कम मेहनत में अधिक पैसे की कमाई देखी तो वह भी कैरियर की भूमिका निभाने लगे। युवकों के बाद अब घर की तेज और पैसों के लिए महिलाएं भी इस धंधे में सक्रिय दिख रही हैं। पुलिस ने भोरे-मीरगंज सड़क से पिछले दिनों 11 कार्टन शराब के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। इसके अलावा दिसंबर में भी गोपालगंज नगर थाने की पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था, जिसमें दो महिलाएं थीं। एक महिला जिले के तरयासुजान क्षेत्र की थी।
हाल ही में पकड़ी गई इन महिला तस्करों की गिरफ्तारी तो महज बानगी है। सूत्रों के मुताबिक इन दिनों दिल्ली से विभिन्न प्राइवेट स्लीपर बसों से महिलाएं पार्लर और काॅस्मेटिक के समान के बहाने बिहार में शराब की तस्करी कर रही हैं। जहां दिल्ली के नजदीक बसे हरियाणा, पंजाब, बठिंडा आदि शहरों से शराब की खेप को इन महिलाओं तक पहुंचाया जाता है और फिर कुशीनगर होते हुए बिहार जाने वाली बसों में स्लीपर बसों से यह शराब की खेप को पहुंचा रहीं हैं। इसके अलावा निजी मारुति, बोलेरो आदि गाड़ियों से तस्करी की जाती है।सीमावर्ती तरयासुजान क्षेत्र की महिलाएं भी गोपालगंज में शराब ले जाकर वहां के स्थानीय तस्करों के सहयोग से मिलकर होम डिलीवरी कर रही हैं।
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एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि हाईवे के रास्ते से गुजरने वाली लग्जरी बसों या अन्य वाहनों पर पुलिस की नजर है। सभी थानाध्यक्षों को शराब तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। कई तस्कर और गिरोह से जुड़े लोगों को जेल भी भेजा जा चुका है।
बसों में सील डब्बों में रखे जाते हैं समान...शराब का नहीं होता आभास : दिल्ली के कश्मीरी गेट, अक्षरधाम, नोएडा के सेक्टर 37 और ग्रेटर नोएडा के जीरो प्वाइंट आदि जगहों से कुशीनगर के रास्ते बिहार को आने वाली बसों में यात्रियों के सापेक्ष समान भी ठूस-ठूस कर भरा जाता है। यह ड्राइवर और बस कंडक्टर की अतिरिक्त कमाई होती है। इसमें बस के ऊपर, पीछे और दोनों बगल तहखाने में मौजूद जगह में लोगों के बंद डब्बों में समान रखे जाते हैं।मौखिक तौर पर ड्राइवर और मालिक डब्बे में क्या है? पूछकर समान की कीमत बताते हैं और फिर सहमति बनने पर रख देते हैं। बंद डब्बों में समान है या शराब यह किसी को अंदाजा नहीं हो पाता है और लगातार ऐसे शराब दिल्ली के रास्ते बिहार में पहुंचाई जाती है। पिछले वर्ष इसी स्लीपर बस से बलथरी चेकपोस्ट से पुलिस ने हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था इसके अलावा बस से कई दफा शराब की खेप पकड़ी जा चुकी है, लेकिन अधिकांश बार तस्कर बेहतर पैकिंग और अनोखे तरकीब से अपने मंसूबे में कामयाब हो जाते हैं।
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