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Kushinagar News: पशुपालन से बकनहा की महिलाओं ने दिखाई आत्मनिर्भरता की राह

Wed, 19 Aug 2026 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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बकनहा गांव में एक निजी कंपनी को दूध नापकर देती सीमा देवी। संवाद
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कसया। बकनहा की महिलाओं ने पशुपालन को आय का मजबूत साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। बढ़ते दुग्ध उत्पादन को देखते हुए निजी संस्था ने गांव में सुबह-शाम दूध खरीदना शुरू किया है। इससे पशुपालकों का उत्साह बढ़ा है। वसा प्रतिशत के आधार पर दूध का मूल्य तय कर हर 10 दिन पर भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जा रहा है।
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गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र गोरखपुर के पूर्व सहायक निदेशक एवं गन्ना विकास सलाहकार ओम प्रकाश गुप्ता ने बकनहां के शिव मंदिर परिसर में ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांव में खेती, शिक्षा और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए वर्षों से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 50 से अधिक किसानों को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली, पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय मथुरा सहित देश के विभिन्न संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाया गया।
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दूध बेचकर रोज कमा रहीं 390 रुपये

सीमा देवी ने बताया कि उनकी भैंस करीब छह लीटर दूध देती है। चोकर-दाने पर रोजाना 102 रुपये खर्च होते हैं, जबकि दूध बेचने से लगभग 390 रुपये की आमदनी हो रही है। कमला गुप्ता ने कहा कि दुग्ध व्यवसाय से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल सकती है। उन्होंने साहीवाल गाय और मुर्रा भैंस पालने के साथ दूध से दही, पनीर और घी तैयार कर बेचने की सलाह दी। लीलावती, मनीषा, सोनमती, विंदा, दुर्गवती, मुन्नी देवी, सीमा देवी, चंपा, रेशमी, पूनम और माया समेत कई महिलाएं इस काम से जुड़ी हैं। पार्वती देवी पत्नी खजांती कुशवाहा 17 गाय-भैंस रखकर मिसाल पेश कर रही हैं।
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दो भैंसों से सालाना दो लाख की कमाई



करनाल से प्रशिक्षण प्राप्त किसान घनश्याम कुशवाहा ने बताया कि उनके पास दो भैंसें हैं। इनसे सालभर में करीब दो लाख रुपये का दूध बेच लेते हैं। प्रत्येक पशु औसतन नौ से 10 लीटर दूध देता है। गोबर को खेत में जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
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जगदीश कुशवाहा, विनय कुशवाहा, शिवकुमार यादव और झोटिल कुशवाहा ने बताया कि संस्था रोजाना सुबह और शाम दूध ले रही है। भैंस के दूध का मूल्य वसा के आधार पर 65 से 75 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध का 45 से 55 रुपये प्रति लीटर निर्धारित है।
गांव में लगेगा पशुपालन जागरूकता शिविर

भारत सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने बकनहां में विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए हाटा के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष पासवान से संपर्क किया। उन्होंने गांव में शिविर लगाने पर सहमति जताई है। आत्मा गुप्ता, उमेशचंद्र गुप्ता, अमरनाथ यादव, रामग्रह गुप्ता, बृजनारायण यादव और घनश्याम कुशवाहा ने करनाल में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वहीं, जन्तू कुशवाहा, जिउत यादव, श्रीराम यादव, रमाकांत गुप्ता, सुशील कुशवाहा, हंसा कुशवाहा, राजेश्वरी गुप्ता, रवींद्र कुशवाहा, चंद्रिका चौहान, राजकुमार गुप्ता, सुरेंद्र प्रसाद और जेपी यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने मथुरा, बरेली, कानपुर और कुमारगंज में प्रशिक्षण लिया।
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जैविक खाद से सुधरेगी मिट्टी की सेहत

ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि पशुओं से मिलने वाले गोबर और मूत्र से जीवामृत, बीजामृत, मटका खाद तैयार किए जा सकते हैं। इनके प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और रासायनिक खाद व कीटनाशकों पर खर्च कम होगा। गन्ने की पत्तियों और हरे चारे से पशुओं के लिए लंबे समय तक आहार उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे खेत की उत्पादकता बढ़ाने के साथ खेती की लागत में भी कमी आएगी।
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