- अभी भी जिले में पंजीकृत सवा लाख वाहनों पर नहीं लगे हैं हाई सिक्योरिटी नंबर
- सुरक्षा के लिहाज से प्रत्येक वाहनों पर लगवाना अनिवार्य
- कई अधिकारियों के वाहनों पर भी नहीं लगे हैं एचएसआरपी
कुशीनगर/खड्डा। जिले में सवा लाख से अधिक पंजीकृत ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगे हैं। इनमें तो कई अफसरों तक के वाहन शामिल हैं। परिवहन विभाग प्रतिदिन ऐसे 10 से 20 वाहनों का चालन करने का दावा कर रहा है, लेकिन कानून का पालन कराने वाले अधिकारी खुद इसका खुलेआम उल्लंघन करते देखे जा रहे हैं।
डीएम, एसडीएम, सीबीओ, पीआरवी वाहन सहित कई अफसरों के सरकारी वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जबकि 15 फरवरी 2023 तक इसे लगवा लेने की अंतिम समय सीमा थी। नियम के मुताबिक बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के वाहन चलाने पर जुर्माना लगना चाहिए।
सरकार की ओर से सभी प्रकार के पुराने व नए वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि डीएम की सरकारी गाड़ी यूपी 57 जी 0221, एसडीएम खड्डा की गाड़ी यूपी 57 जी 0327, डीएम की सुरक्षा में चलने वाली गाड़ी यूपी 57 जी 0190, डिप्टी कमिश्नर यूपी 57 जी 0161, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) की यूपी 57 जी 0241, डायल 112 यूपी 32 डीजी 2526 जैसे सरकारी वाहन तो एक बानगी भर हैं, असल में कई विभागों के सरकारी अधिकारियों के वाहनों में अभी भी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं लगा है। यहां तक कि रोडवेज की कई अनुबंधित बसों में भी यही हाल है।
एसएचओ की गाड़ी पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं
कप्तानगंज। स्थानीय एसएचओ की सरकारी गाड़ी पर नंबर प्लेट पुराना लगा है। उनके वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा है। वहीं तमकुहीराज थाने में मौजूद इंस्पेक्टर के सरकारी वाहन पर भी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं लगा है।
अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब कानून का पालन कराने वालों को ही इस बात का ध्यान नहीं है तो आम लोग क्या करेंगे। पद व रसूख के चलते इनके वाहनों का कभी चालान नहीं होता, जबकि आम जनता को जुर्माना भरना पड़ता है।
ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाकर खुद बदलवा सकते हैं नंबर प्लेट
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करके आसानी से बदलवाया जा सकता है। क्योंकि नियम के उल्लंघन पर पांच से दस हजार रुपये तक जुर्माना लगता है। जानकारों के मुताबिक पुराने नंबर प्लेट को बदलने के लिए बुक माई (एचएसआरपी) पर लाॅगिग कर नंबर प्लेट बदला जा सकता है। चार पहिया वाहनों के लिए लगभग 1100 से 1200 रुपये तथा दो पहिया वाहनों के लिए लगभग 400 से 500 रुपये किसी भी यूपीआई से ऑनलाइन जमा करना होता है।
एचएसआरपी के फायदे अनेक, अपराध के रोकथाम में भी कारगर
कुछ दिनों पहले खड्डा थाने की पुलिस ने सालिकपुर चौकी के पास से एक लग्जरी वाहन को पकड़ा था। उसमें से काफी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि वाहन में लगा नंबर प्लेट नकली था और एक नंबर प्लेट रखा मिला था। ऐसे ही कई बार अपराधी गलत नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देते हुए निकल जाते हैं। अगर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगा हो तो बदलने की आशंका समाप्त हो जाती है और एक क्लिक में ही वाहन स्वामी का पूरा विवरण सामने आ जाता है।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट क्यों है जरुरी
एचएसआरपी सभी तरह के वाहनों पर लगाना अनिवार्य है, लेकिन कई लोग अभी भी इन्हें वाहनों पर लगाने में संकोच करते हैं। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती कि इस तरह की नंबर प्लेट लगाने से जहां उनकी कार, बाइक की सुरक्षा होती है, वहीं पुलिस की ओर से किए जाने वाले चालान से भी यह बचाती हैं।
कैसे बनता है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट्स को एल्यूमिनियम से बनाया जाता है। इन पर एक होलोग्राम भी लगा होता है, जो क्रोमियम आधारित होता है। एक प्रकार के स्टीकर की तरह दिखाई देने वाले होलोग्राम के अंदर वाहन की पूरी जानकारी होती है।
होता है यूनिक लेजर कोड
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर सुरक्षा के लिए यूनिक लेजर कोड भी प्रिंट होता है। हर वाहन के लिए अलग कोड दिया जाता है। इसे आसानी से हटाया नहीं जा सकता। इस नंबर प्लेट की खासियत यह होती है कि अगर ये एक बार टूट जाए तो फिर इसे जोड़ा नहीं जा सकता। इसके साथ ही इस प्लेट को काफी अलग तरीके से बनाया जाता है, जिससे कोई भी इसे कॉपी कर नकली प्लेट नहीं बना सकता।
अनिवार्य है नंबर प्लेट लगाना
सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के नियम 50 के तहत वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। इस एक्ट के तहत कुल छह तरह के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है, जिनमें नॉन ट्रांसपोर्ट व्हीकल, ट्रांसपोर्ट व्हीकल, बैटरी से चलने वाले नॉन ट्रांसपोर्ट व्हीकल और बैटरी से चलने वाले ट्रांसपोर्ट व्हीकल आदि शामिल हैं।
दुर्घटना के समय आता है काम
अगर कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो ऐसे में उसमें लगे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से वाहन के मालिक सहित सभी जानकारी मिल जाती हैं। इससे कार सवार घायलों के परिजनों तक जानकारी भेजी जा सकती है और उन्हें समय से मदद पहुंचाई जा सकती है। क्योंकि यह ऐसा नंबर प्लेट है, जो आपकी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
जिले में लगभग 5.50 लाख कुल वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 4.20 लाख वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लग चुका है। बाकी के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रतिदिन ऐसे 10-20 वाहन चालान भी किए जाते हैं, जिन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं होता है। जो लोग अपने वाहनों का नवीनीकरण कराने आ रहे हैं, उनसे भी ऑनलाइन आवेदन कराया जा रहा है। ये नंबर प्लेट सभी प्रकार के वाहनों पर लगवाए जाएंगे।
-मोहम्मद अजीम, एआरटीओ, कुशीनगर