अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया/सलेमपुर। फेसबुक से महंगी वाहन के साथ तस्वीर देख बदमाश कारोबारी राजकमल तिवारी तक पहुंचे और उसके बाद उनके गांव तक रेकी करते हुए पहुंच गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह पिछले कई दिनों से बदमाश कारोबारी की रेकी कर रहे थे और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। शुक्रवार को दोनों भाई बरहज के एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। इसकी खबर बदमाशों को लग गई थी। संयोग ठीक रहा कि घटना को अंजाम देने से पहले एसटीएफ ने बदमाशों को दबोच लिया।
मुठभेड़ के बाद जब बदमाशों ने तस्वीर दिखाई तो एसटीएफ तत्काल राजकमल तिवारी को सचेत करा दिया। मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाशों से एसटीएफ ने शुरुआती पूछताछ की। इसमें पता लगा कि यह गैंग तीन दिन से राजकमल तिवारी की रेकी कर रहा था। बुधवार की रात गैंग के गुर्गाें ने महुआडीह थाना क्षेत्र के बरवां गांव में एक मुर्गी फार्म पर रात बिताई थी। वहीं इन्हें सूरज गौड़ भी मिला था। प्रदीप यादव ने खाने-पीने का इंतजाम किया था। पकड़े गए नितेश और मंजीत को आमने-सामने बैठाकर हुई पूछताछ में पता चला कि इन अपराधियों की मुलाकात जेल आने-जाने के दौरान हुई थी।
सूरज गौड़ ने अपहरण की साजिश रची थी। हिमांशु उर्फ गोविंद पहले भी अपहरण और हत्या की वारदात को अंजाम दे चुका था, उसे इसका जिम्मा दिया गया। सूरज ने इन्हें राजकमल तिवारी को अपहरण कर नेपाल में अपने बताए ठिकाने पर ले जाने को कहा था। वहां से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जाती।
फिरौती की रकम क्रिप्टो करेंसी में मांगने की तैयारी थी। इसमें से आधी रकम साजिश रचने वाले सूरज गौड़ और शेष आधी सभी अपराधियाें में बंटती।
ये बदमाश हुए फरार
मुठभेड़ के दौरान इस गिरोह के गुर्गे गाजीपुर जिले के चौथी गांव निवासी अंकित यादव, मऊ जिले के कहिनवर गांव निवासी सर्वेश उर्फ गोलू यादव, मजखानी पिपरीडीह निवासी पंकज यादव और देवरिया जिले के महुआडीह थाना क्षेत्र के नेरूई अमवा निवासी सूरज गौड़ फरार बताए जा रहे हैं।
गौरी बाजार में लूट में चर्चा में आया था हिमांशु
दो साल पहले गौरी बाजार थाना क्षेत्र में एक सहज जन सेवा केंद्र संचालक पर फायर कर करीब दो लाख रुपये की लूट मामले में अज्ञात बदमाशों पर प्राथमिकी दर्ज थी।