प्रेमपुर नहर की कराई गई सफाई। स्रोत-सोशल मीडिया
कसया। जिले में इस बार आठ उप खंडों की 790 किमी नहरों की सफाई तीन करोड़ रुपये की लागत से की जा रही है। इसके लिए स्वीकृति मिलने के बाद सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है। 15 दिसंबर तक काम पूरा होने के बाद सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा। कसया और फाजिलनगर में आठ उप खंडों में कुल 790 किमी की 199 नहरें व माइनर की सफाई की जानी है। जिससे जिले के किसानों की फसलों के सिंचाई के लिए माइनर में हेड से लेकर टेल तक पानी पहुंच सके। उसके लिए माइनरों की सफाई का अभियान जोरों पर है।
खरीफ सीजन में बारिश के कारण रजवाहा में झाड़ियां उग आई हैं और सिल्ट भी जमा हो गई है, जिससे टेल तक पानी पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। नहरों व माइनरों की सिल्ट सफाई के लिए डीएम के अनुमोदन और विभाग की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद नहरों के सिल्ट सफाई का काम शुरू हो गया है।
सफाई के बाद रबी सीजन में गेहूं सहित अन्य फसलों की सिंचाई के लिए आसानी से हेड से टेल तक पानी पहुंचेगा। क्षेत्र के लोगों की काफी फसल माइनरों से ही सिंचाई पर आधारित है। जिले के अधिकतर किसान इसी के भरोसे अपनी फसलों की सिंचाई के लिए आश्रित भी हैं।
शासन के मंशा के अनुरूप नहरों में हेड से लेकर टेल तक पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग उसकी सफाई कराकर किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से सफाई अभियान चला रहा है, ताकि उनकी फसलों को समय से सिंचाई की जा सके।