मरचहवा बसंतपुर मार्ग लगे पानी में बच्चों को गोद में उठाकर पार करते व्यक्ति ।संवाद
खड्डा (कुशीनगर)। गंडक नदी के जलस्तर में कमी आने से नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांव मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर और नारायणपुर के लोगों ने सोमवार को राहत की सांस ली। सबसे अधिक प्रभावित मरचहवा दक्षिण टोला में भी हालात में कुछ सुधार हुआ है। बसंतपुर को जोड़ने वाली सड़क पर पानी कम होने से आवागमन आसान हुआ है लेकिन जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भरा होने के कारण लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं।
सोमवार को मरचहवा दक्षिण टोला में स्कूल जाने वाले बच्चों को अभिभावक गोद और कंधे पर बैठाकर सड़क पार कराते नजर आए। छुट्टी के बाद बच्चों को वापस लाने में भी अभिभावकों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पानी घटने से राहत जरूर मिली है लेकिन सड़क पूरी तरह सुरक्षित होने तक दुश्वारियां बनी रहेंगी। उधर, छितौनी तटबंध के भैंसहा गेज पर गंडक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे बना रहा। इससे तटबंध पर नदी का दबाव भी कम हुआ है। बाढ़ खंड के अभियंता लगातार जलस्तर और तटबंध की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
मोबाइल टावर चालू, संचार सेवा बहाल : बाढ़ प्रभावित सोहगीबरवा क्षेत्र में कई दिनों से बंद मोबाइल टावर देर रात चालू हो गया। इसके बाद क्षेत्र में संचार सेवा बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली। नेटवर्क नहीं होने के कारण परेशान लोगों ने टावर चालू होने के बाद अपने परिजनों और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया।
मरचहवा बसंतपुर मार्ग लगे पानी में बच्चों को गोद में उठाकर पार करते व्यक्ति ।संवाद