मथौली। नगर पंचायत के लोगों को आज भी हैंडपंप का पानी पीना पड़ता है। प्रशासन की ओर से पेयजल के लिए कोई इंतजाम नहीं कराया जा सका है। नगर पंचायत बनने से पूर्व में बनी एक पानी की टंकी करीब 20 साल से बंद है। इसका पंप खराब है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से ठीक नहीं कराया जा रहा है। वहीं नगर पंचायत की ओर से तीन वार्डों में ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन इसके निर्माण में अभी समय लगेगा।
मथौली नगर पंचायत में लगभग 25 हजार आबादी है, जिसमे तीन वार्ड में पानी टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है। वार्ड नंबर सात अटल विहारी बाजपेई नगर में 4.70 करोड़, वार्ड नंबर छह महाराणा प्रताप नगर में लागत 3.89 करोड़ रुपये इसके अलावा वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर में पानी टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है। इसकी कार्यदायी एनसीसी कंपनी है। अंबेडकर नगर में पानी टंकी का निर्माण करीब तीन साल से जलकल विभाग की ओर से कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, बाकी दो पानी टंकियों का निर्माण इसी वर्ष पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं वार्ड नंबर 12 में नगर पंचायत बनने से पूर्व बनी पानी की टंकी शोपीस बनी, इस टंकी से पांच गांवों की पानी सप्लाई करने के लिए पाइप लाइन भी बिछाया गया है। एनसीसी कंपनी के जेई पिंटू चौधरी ने बताया कि नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर में लगभग तीन वर्षों से पानी टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है। लोगों का कहना है कि आज तक टंकी से पानी सप्लाई चालू नहीं हुआ।
स्थानीय नगर पंचायत में स्थित ओवरहेड टैंक पिछले 20 वर्षों से बेकार पड़ा है। टैंक से जुड़े दोनों पंप हाउस खराब होने के कारण क्षेत्र की दस हजार से अधिक आबादी को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। लोग आज भी हैंडपंप पर पानी पीने को मजबूर हैं। कृष्णा जायसवाल जेई जल निगम ने कहा कि पानी टंकी नगर पंचायत को हैंडओवर हो गया है, इसे चालू कराने की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है, जल निगम की कोई जिम्मेदारी नहीं है।