एपी बांध पर काम में जुटे मजदूर। संवाद
तमकुहीरोड। बारिश के आसार को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग विभाग अब अलर्ट मोड पर आ गया है। शासन की ओर से स्वीकृत सात परियोजनाओं को पूूरा कराने में जुट गया है। इसे लेकर बृहस्पतिवार शाम गंडक विभाग के चीफ इंजीनियर ने अभियंताओं के साथ एपी बांध पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की और उसकी प्रगति जाना। तटबंधों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। मौसम को देखते अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत से अहिरौलीदान तक लगभग साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। बांध के किनारे बीस हजार से अधिक आबादी निवास करती है। मानसून शुरू होने के साथ ही गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बैराज से पानी छोड़े का सिलसिला शुरू हो गया है। अब जब मानसून के दो चार दिन में प्रभावी रूप से सक्रिय होने की उम्मीद है, लेकिन अभी तक बाढ़ से बचाव के लिए चल रहे कार्य पूरा नहीं किए जा सके हैं।
बंधे की सुरक्षा को लेकर अफसरों का दौरा भी तेज हो गया है, आशंका है कि यदि भारी बारिश शुरू हुई तो तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ने से एपी बांध के किमी 4.000 पर, किमी 4.400 पर, किमी 4.815 किमी से किमी 6.670 के बीच,किमी 6.689 पर,किमी 7.001 पर, किमी 7.200 पर और नरवाजोत के किमी 1.700 पर चल रहा बचाव कार्य न केवल प्रभावित हो सकता है, बल्कि नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान तक बांध की सुरक्षा को खतरा बढ़ सकता है।
बृहस्पतिवार की शाम गोरखपुर गंडक विभाग के चीफ इंजीनियर विकास सिंह बाढ़ खंड के अधिक्षण अभियंता जेपी सिंह, अधिशासी अभियंता एमके सिंह, एसडीओ दीपरतन सिंह अन्य अभियंताओ के साथ एपी तटबंध पहुंचे और बचाव कार्य एवं बंधे पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की और कार्य प्रगति का जायजा लिया।
तटबंधों की सुरक्षा को लेकर जरूरी निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बंधे की सुरक्षा सर्वोपरि है। डिस्चार्ज बढ़ने पर बांध को किसी प्रकार की कोई क्षति न पहुंचे, इसके लिए सभी परियोजना कर जल्द पूरा करें।