सीताराम चौराहा। मुख्य पश्चिमी गंडक नहर व चाफ रजवाहा में पानी आये एक सप्ताह हो गए, मगर धर्मपुर माइनर और पाकड़ माइनर अब भी प्यासे पड़े हैं। नहरें सूखी हैं और खेत दरक रहे हैं। मगर सिंचाई विभाग अब भी नींद से जागने को तैयार नहीं है। शुक्रवार को तंग आ चुके किसानों ने धर्मपुर माइनर के हेड पर प्रदर्शन कर विभाग को चेतावनी दी कि अगर जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे।
धर्मपुर माइनर के फाटक को खोलने वाला छह फीट लंबा लोहे का साफ्ट चोरी हो गया। फाटक अब टस से मस नहीं हो रहा और दोनों माइनर में पानी का बहाव पूरी तरह थम गया है। सिंचाई विभाग के जिम्मेदार इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। मगर किसान बेहाल हैं। पांच किलोमीटर लंबी धर्मपुर माइनर और तीन किलोमीटर लंबी पाकड़ माइनर के किनारे बसे धर्मपुर पर्वत, पर्वत छपरा, मठिया भोकरिया, दुमही, बंगरा रामबक्स राय, राजापाकड़, बरवाराजापाकड़, दुमही पश्चिम, बरमपुर, गोबरही और छोटकी राजापाकड़ गांवों के सैकड़ों किसान अब अपने सूखते खेतों को देखकर मायूस हैं।
धान की रोपाई पिछड़ रही है, मक्का, गन्ना, केला, सब्जी की फसलें मुरझा रही है। केन यूनियन संचालक प्रतिनिधि सत्यनारायण यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे सुनील पटेल, साधू यादव, मुकेश यादव, राजकिशोर यादव, भोलू यादव, सूरज, विजय श्रीवास्तव, पप्पू यादव आदि ने कहा कि सिंचाई विभाग जानबूझकर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है।
सिंचाई विभाग के जेई धनेश्वर राय ने बताया कि साफ्ट की ढलाई के लिए गोरखपुर में ऑर्डर दे दिया गया है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जेसीबी मंगाकर फाटक उठवाया जाएगा। नीचे ईंट लगवाकर पानी छोड़े जाने का निर्देश मेठ को दिया जा चुका है।्