पडरौना। मेडिकल कॉलेज परिसर में आने वाले मरीज सिर्फ दो वाॅटर एटीएम पर निर्भर हैं। इसमें भी एक ठीक से पानी नहीं दे रहा है, जिससे 15 सौ मरीजों के लिए सिर्फ एक ही वॉटर एटीएम का सहारा है। वार्ड में भर्ती मरीज के तीमारदारों को भी पीने का पानी लेने के लिए नीचे आना पड़ता है।
रात को इमरजेंसी में सिर्फ गार्ड रहते हैं, इसके लिए तीमारदारों को आने में डर लगता है। मरीजों को प्यास बुझाने के लिए बाहर जाकर पानी खरीदना पड़ रहा है।
अप्रैल में मई-जून की गर्मी का एहसास हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज आते हैं, लेकिन पीने के पानी के लिए वॉटर एटीएम सिर्फ दो चल रहे हैं। ओपीडी के नई बिल्डिंग में भी पानी का अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है। इमरजेंसी के पास लगा वाॅटर एटीएम ठीक से पानी नहीं दे रहा है। प्रथम तल से मरीजों को पानी पीने के लिए दुकानों पर जाकर खरीदना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को इलाज कराने आए राम इकबाल, रामकोला के पपलू, पडरौना के सुबेदार कुमार ने बताया कि एक रुपये की पर्ची पर इलाज की उम्मीद लेकर हम लोग आए हैं, लेकिन बीस रुपये का पानी प्यास बुझाने के लिए खरीदना पड़ा।
पुरानी बिल्डिंग के पहली और दूसरी मंजिल पर 150 से अधिक मरीज भर्ती है। तीमारदारों ने बताया कि पानी के लिए नीचे जाना पड़ता है, पूरी रात में पानी पीने के लिए बोतल में भरकर रखना पड़ता है। मेन गेट पर लगा एक वाॅटर एटीएम सिर्फ चल रहा है। इमरजेंसी के पास लगा वाॅटर एटीएम खराब है।