राष्ट्रीय पक्षी से गुलजार होगा विपश्यना केंद्र
डीएम व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने लगाया झाड़ू, सफाई के दिए संदेश
कसया(कुशीनगर)। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर जल्द ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को तथागत की साधना परंपरा से रूबरू कराएगी। यहां बौद्ध धर्म की प्रमुख साधना पद्धति विपश्यना सिखाने व स्वयं करने के लिए विपश्यना ध्यान केंद्र विकसित किया जाएगा। पहले से ही वन विभाग के परिसर में विपश्यना केंद्र है, लेकिन उपेक्षित पड़ा हुआ है।
बुधवार सुबह करीब सात बजे डीएम एस. राजलिंगम व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पूर्ण बोरा ने कुशीनगर विपश्यना केंद्र पहुंचकर झाड़ू लगाकर सफाई का संदेश दिया। इस दौरान जिले के 14 ब्लॉकों व सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी व सफाईकर्मियों ने पहुंचकर विपश्यना केंद्र के पूरे क्षेत्र की सफाई की।
डीएम ने बताया कि विपश्यना केंद्र परिसर में तालाब का सुंदरीकरण किया जाएगा। इस केंद्र की चहारदीवारी की मरम्मत कराई जाएगी। तालाब में वर्ष भर जलस्तर बना रहे, इसका मुकम्मल प्रबंध होगा। वन क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोर छोड़े जाएंगे। इसके अलावा यहां के तालाब में रंगीन मछलियां छोड़ी जाएंगी, जो पर्यटकों व सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी। कई प्रजातियों के बतखों को भी तालाब में छोड़ा जाएगा। इससे तालाब की शोभा बढ़ेगी। विपश्यना केंद्र जाने वाले पाथवे के किनारे नगरपालिका प्रशासन की ओर से पथ प्रकाश व तालाब के चारों तरफ भ्रमण करने के लिए पाथवे का निर्माण होगा। यह विपश्यना केंद्र पर्यटकों के लिए हमेशा खुला रहेगा।
विपश्यना केंद्र की सफाई के दौरान डीएफओ अनिल कुमार श्रीवास्तव, फॉरेस्ट अफसर विनोद कुमार सिंह, लक्ष्मण गोंड, ईओ प्रेमशंकर गुप्ता, ईओ पडरौना एएन सिंह, खड्डा देवेश कुमार मिश्र, परवेज आलम, राजस्व निरीक्षक बृजेश मणि त्रिपाठी, वार्ड सभासद रामआधार यादव, सभासद के प्रतिनिधि केशव सिंह आदि मौजूद रहे।
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21 जून को योगाभ्यास का शुभारंभ होगा
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को जिला स्तरीय योगाभ्यास का शुभारंभ विपश्यना केंद्र से होगा। इसके बाद जिले के विभिन्न स्थलों पर एक महीने तक योग सिखाया जाएगा। शुभारंभ के अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, योग प्रशिक्षक मौजूद रहेंगे।