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बाघिन के आतंक से भयभीत हैं ग्रामीण

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बाघिन के आतंक से भयभीत हैं ग्रामीण
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ड्रोन कैमरे और सेटेलाइट की मदद से भी नहीं पकड़ी जा सकी बाघिन
खड्डा (कुशीनगर)। जनपद से सटे बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के चिउटहां वन क्षेत्र से रिहायशी इलाके की ओर पहुंची बाघिन के आतंक से ग्रामीण भयभीत हैं। यह बाघिन एक व्यक्ति का शिकार भी कर चुकी है। वन विभाग की तरफ से ड्रोन कैमरे व सेटेलाइट की मदद से पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिली है।
पड़ोसी प्रांत बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के चिउटहां वन क्षेत्र से सटे गुदगुदी ग्राम पंचायत के सेवरही बरवा निवासी बंका (25) दो जुलाई को सरेह में घास काटने गए थे। घर नहीं लौटे तो खोजबीन शुरू हुई। उसके बाद गन्ने के एक खेत में उनका शव मिला था। शव की दशा देख बाघिन द्वारा शिकार करने की पुष्टि वन विभाग ने कर दी। इसके बाद से ही वन विभाग बाघिन की तलाश में जुटा है। अब तक गाय व बकरी आदि मिलाकर 12 से अधिक पशुओं का शिकार कर चुकी है।
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वन विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारियों की टीम गठित कर पकड़ने का प्रयास चल रहा है। इस तरह के काम के लिए प्रशिक्षित हाथियों को भी लगाया गया है। सेटेलाइट व ड्रोन कैमरे से भी उसकी लोकेशन का पता किया जा रहा है। वन विभाग जंगल किनारे गांव में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रहा है। हालात ये है कि लोग शाम होते ही घरों में दुबक जा रहे हैं। जानकारों के मुताबिक एक दिन में बाघ 40 किलोमीटर तक का सफर तय कर लेते हैं। ऐसे में यूपी की तरफ पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इस संबंध में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के निदेशक (सीएफ) हेमकांत राय ने बताया कि बाघिन लगातार लोकेशन बदल रही है। उसे जंगल की तरफ भेजने के लिए टीम लगातार कोशिश कर रही है। उधर, जनपद से सटे बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व लगभग 855 वर्ग किलोमीटर में फैला है। विभागीय अनुमान के मुताबिक बाघों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंच गई है, जिसे पर्यावरण के लिए काफी सुखद माना जा रहा है।
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खड्डा वन कार्यालय पर नहीं है कोई व्यवस्था
अप्रैल में खड्डा थानाक्षेत्र के भेड़ी जंगल गांव में घुसे तेंदुए ने कई दिन तक उत्पात मचाया था। तेंदुआ ने रेंजर सहित सात लोगों को घायल कर दिया था। जून में खड्डा क्षेत्र के गंडक नदी पार के शिवपुर गांव में दो लोगों को तेंदुआ ने घायल कर दिया था। बाद में तेंदुआ की भी मौत हो गई थी। इसी महीने सोहगीबरवां क्षेत्र में दो तेंदुआ मुजा टोला की तरफ पहुंच गए व दो लोगों को घायल कर दिया। एक गाय व बकरी को मार डाला। खड्डा वन कार्यालय पर प्रशिक्षित कर्मचारी व उपकरण नहीं होने से इस तरह के हिंसक जानवरों को काबू करने में वन कर्मचारी असहाय हो जाते हैं।
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