तमकुहीरोड/पिपरा बाजार। जीरो बंधा बाजार में आबादी के बीच देसी शराब की दुकान के आवंटन का मामला तूल पकड़ने लगा है। गांव वालों ने तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दुकान का आवंटन रद्द करने की मांग की।
बुधवार को गांव की महिलाएं और पुरुषों ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि आबादी के बीच शराब की दुकान खुलने से यहां का माहौल खराब होगा और युवा पीढ़ी पर इसका असर पड़ेगा। जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव ने कहा कि आबादी के बीच दुकान शराब की दुकान खोलना कहीं से उचित नहीं है। मुख्यमंत्री, आबकारी आयुक्त व डीएम को दुकान का आवंटन रद्द करने के लिए पत्र भी भेजा गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी हाल में जीरो बंधा बाजार में शराब की दुकान नहीं चलेगी। इसके लिए कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस दौरान रकबा जंगलीपट्टी के बुटाई निषाद, परसा उर्फ सिरिसिया के पूर्व प्रधान रमाकांत यादव, प्रदीप सिंह, बृजकिशोर साहनी, श्रीनिवास मिश्र, कन्हैया गुप्ता, राजेश सिंह, बलिस्टर यादव, शंभू चौरसिया, अमन सिंह, ओमप्रकाश निषाद, हंसराज यादव, योगेश्वर चौरसिया, धनंजय सिंह, नंदकिशोर यादव आदि मौजूद रहे।