पडरौना। गांवों के मुख्य मार्गों के अलावा चकरोड भी चकाचक अब दिखेंगे। नक्शे में मौजूद चकरोड पर कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के रिकाॅर्ड में 100 से अधिक चकरोड पर लोगों का कब्जा हैं। जिले में चकरोड को वास्तविक आकार देने के लिए अभियान शुरू किया गया है। इसमें राजस्वकर्मियों के अलावा ब्लॉक और तहसील के अधिकारियों को शामिल किया गया है। अतिक्रमण मुक्त कराने से लेकर सड़क का निर्माण कराने तक तहसीलदार, राजस्वकर्मी और बीडीओ डीएम को प्रमाणपत्र देंगे।
जिले के 980 गांवों में राजस्व के रिकार्ड में मौजूद अधिकांश चकरोड मौके पर नहीं हैं या लोग कब्जा कर रखे हैं। इसकी शिकायत जनता दर्शन में डीएम के पास पहुंच रही थी। डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ और राजस्वकर्मियों को निर्देश दिए कि गांवों में नक्शे से गायब चकरोड को ढूंढ़कर पैमाइश कराएं। अगर कब्जा है तो उसे खाली कराया जाए। इसकी रिपोर्ट 31 मई तक राजस्वकर्मी तहसीलदार को देंगे।
चकरोड पर मिट्टी का काम या खड़ंजा ब्लॉक से बीडीओ को कराना होगा। तहसीलदार के माध्यम से यह रिपोर्ट ब्लॉक पर बीडीओ को भेजा जाएगा। बीडीओ ग्रामसभा या मनरेगा से काम कराएंगे। इसका तय सीमा 31 जून तक रखा गया है। चकरोड निर्माण के बाद तहसीलदार निरीक्षण कर बीडीओ और तहसीलदार संयुक्त रूप से डीएम को प्रमाण पत्र देंगे। इससे गांव में चकरोड पर कब्जा हटने के साथ-साथ रास्ते को लेकर होने वाले अधिक विवाद खत्म होने की उम्मीद है।
-गांवों में चकरोड पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसके चलते रास्ते का विवाद बढ़ रहा है। राजस्व के नक्शे में चकरोड की पैमाइश कराकर एसडीएम को अतिक्रमण मुक्त कराने केे निर्देश दिए गए हैं। चकरोड खाली कराने व मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति की जानकारी राजस्वकर्मी व तहसीलदार देंगे। इसके बाद बीडीओ चकरोड पर मिट्टी का काम या खड़ंजा कराएंगे। अभियान शुरू करा दिया गया है। -महेंद्र सिंह तंवर, डीएम कुशीनगर