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Kushinagar News: प्रशासक बने ग्राम प्रधान, नहीं लेंगे नीतिगत निर्णय

Thu, 28 May 2026 02:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए गठन तक निवर्तमान ग्राम प्रधान ही प्रशासक के रूप में काम करेंगे। इससे पंचायतों में प्रशासनिक कार्य बाधित नहीं होंगे। हालांकि, सरकार ने प्रधानों को प्रशासक जरूर नामित किया है, लेकिन उनके अधिकार सीमित कर दिए हैं। डीएम की तरफ से आदेश के अनुसार प्रधान अब केवल प्रशासनिक कार्य ही करेंगे। इस दौरान कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लेंगे। इसके लिए उन्हें जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से डीएम से अनुमति लेनी होगी।
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डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि ग्राम पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। नई पंचायतों के गठन तक गांवों में कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए शासन ने ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से जिले के 980 ग्राम प्रधानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने शासनादेश का हवाला देते हुए बताया कि नई ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक के लिए नियत तिथि तक या अधिकतम छह माह की अवधि के लिए जो भी पहले हो निवर्तमान प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। जिलाधिकारियों को प्रशासक नामित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है। डीएम ने बताया कि प्रशासक के रूप में निवर्तमान प्रधानों के अधिकार सीमित रहेंगे। वे केवल ग्राम पंचायतों के सामान्य कार्यों का ही निर्वहन करेंगे। वह कोई नया नीति विषयक निर्णय नहीं ले सकेंगे। यदि कोई अत्यंत आवश्यक और विशेष स्थिति उत्पन्न होती है, तो नीतिगत फैसले से जुड़े प्रस्ताव जिला पंचायतराज अधिकारी के माध्यम से उनके समक्ष प्रस्तुत कर उनकी स्वीकृति लेंगे। इसके बाद ही नीतिगत निर्णय को लागू करेंगे। शासन के इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव होने तक प्रशासनिक कामकाज बिना किसी बाधा के चलता रहेगा।
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