श्रीसेलन व विजय लक्ष्मी। फाइल फोटो।
पडरौना। पति की हत्या के बाद आठ माह की बच्ची जीवनाश्री को लेकर तेलंगाना से कुशीनगर पहुंची विजय लक्ष्मी ने वर्मी बुद्ध के वीआईपी धर्मशाला में मंगलवार की शाम को उसकी लाश फंदे से लटकती हुई मिली थी। उसी दिन से शव मोर्चरी में रखा गया था। शुक्रवार की शाम को तेलंगाना पुलिस के साथ इसका देवर और बहन श्यांता लक्ष्मी पहुंची तो पोस्टमार्टम हुआ।
इसके बाद लोकल पुलिस की मदद से शव का अंतिम संस्कार देर शाम को खिरकिया घाट पर कर दिए। चाइल्ड लाइन की कस्टडी में बच्ची को रखा गया। चाइल्ड लाइन कोर्ट की ओर से कार्रवाई के बाद रक्त संबंधी परिजनों को सौंप सकती है। वहीं महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आया है।
तेलंगाना के जिला नागर करनूल कस्बा अक्षमा पेटा निवासी 35 वर्षीय विजय लक्ष्मी अपने आठ नौ की बच्ची के साथ वर्मी बुद्ध के वीआईपी धर्मशाला में ठहरी थी। मंगलवार की शाम वह कमरे में खुदकुशी कर ली। इसकी जानकारी होने पर कसया पुलिस ने शव की पहचान करने के बाद तेलंगाना पुलिस को सूचना दिया और मोर्चरी में शव को रखवा दिया था। शुक्रवार की शाम को विजय लक्ष्मी का देवर और इसकी बहन श्यांता लक्ष्मी तेलंगाना पुलिस के एक दरोगा के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंची।
इसके बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। श्यांता लक्ष्मी ने बताया कि 37 वर्षीय श्रीसेलन और विजय लक्ष्मी लव मैरिज शादी वर्ष 2021 में किए थे। दोनों के बीच एक नौ माह की बच्ची जीवना श्री है। शादी के कुछ दिन बाद श्रीसेलन के माता-पिता की मौत हो गई। घर पर दोनों अकेले रहते थे, श्रीसेलन मजदूरी करता था। 11 मई को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और घर के अंदर श्रीसेलन को बंद कर विजय लक्ष्मी बच्ची को लेकर चली गई।
कुछ घंटे बाद आई तो श्रीसेलन घर में मरा पड़ा था। इसके बाद से वह बच्ची को लेकर गायब हो गई। परिवार के लोगों ने शव का दाह संस्कार कर पुलिस को दूसरे दिन सूचना दिए। पुलिस ने विजय लक्ष्मी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तलाश करने लगी। श्यांता लक्ष्मी ने बताया कि शादी के कुछ माह बाद से पति-पत्नी के बीच मनमुटाव रहता था, लेकिन किस बात के लिए मनमुटाव रहता था। कोई अपने रिश्तेदार या परिजनों को शेयर नहीं करता था। शादी के बाद पूरा परिवार बिखर गया और इस परिवार की चिराग सिर्फ नौ वर्षीय जीवना श्री बची है। सीओ कसया कुंदन सिंह ने बताया कि परिजन आ गए हैं शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। चाइल्ड लाइन अपनी प्रक्रिया के अनुसार बच्ची को सौंपेगी।