संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। हाईवे पर जहां चाहे वहां गाड़ियों को खड़ा करने से कई हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद न तो चालक इससे बाज आ रहे हैं और न ही एनएचआई के जिम्मेदार ही ध्यान दे रहे हैं। मौसम में बदलाव के बाद सुबह कोहरे में हादसे की संभावना बन गई है। सतर्कता नहीं बरती गई तो हाईवे पर हादसे कभी भी हो सकते हैं। हादसे होने पर जिम्मेदार सक्रिय होते हैं, और कुछ दिनों बाद भूल जाते हैं।
पिछले वर्ष अक्तूबर में हरियाणा से मरीज लेकर पश्चिम बंगाल जा रही एंबुलेंस सुकरौली में पहले खड़ी स्कूली बस के पीछे टकरा गई। इस घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए गोरखपुर रेफर करना पड़ा।
इसके अलावा 15 जून को हाटा के बाघनाथ चौराहे के पास बिहार के माधोपुरा से पंजाब जा रही मजदूरों से भरी बस खड़ी ट्रक में टकरा गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और 50 लोग घायल हो गए थे। कहने के लिए प्रशासनिक अमला के साथ-साथ एनएचआई के जिम्मेदार नियमित पेट्रोलिंग करते हैं। फिर भी वाहन चालकों की मनमानी नहीं रोक पाते है। सबसे ज्यादा वाहन ढाबों के आसपास खड़े नजर आते हैं। नियमित चेकिंग न होने और चालान न होने की वजह से ऐसी मनमानी वाहन चालक करते हैं।