पडरौना। सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए चल रहे वीबी रामजी पोर्टल की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। पोर्टल बार-बार रुक-रुक कर चल रहा है। सर्वर की रफ्तार सुस्त होने, लॉगिन न होने और डाटा सेव न होने की वजह से ब्लॉक से लेकर जिला तक अधिकारी-कर्मचारी परेशान दिखाई दे रहे हैं। प्रत्येक दिवस की मॉनिटरिंग रिपोर्ट, फोटो अपलोड और प्रगति फीड करने, समय से फीडबैक नहीं पहुंचने और काम की रियल टाइम मॉनिटरिंग में दिक्कत आ रही है।
मनरेगा याेजना के तहत जिले में 1,59,784 सक्रिय मनरेगा जॉब कार्ड धारक हैं। सक्रिय श्रमिकों में से 16,109 श्रमिकों ने रोजगार गारंटी योजना के तहत बीते एक मार्च से 30 जून तक काम मांगे थे। जिन श्रमिकों ने काम मांगे उनमें से सभी श्रमिकों को योजना के तहत काम दिया गया। इन मजदूरों ने 1,17,438 मानव दिवस में काम किया। इसके बदले जिन श्रमिकों ने काम किया उन्हें मजदूरी के रूप में 295.94 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।
अब केंद्र सरकार ने एक जुलाई से मनरेगा को ‘’विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’’ यानी वीबी जी राम जी योजना में बदल दिया है। मनरेगा में 100 दिन का रोजगार मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। मनरेगा में केंद्र सरकार अकुशल मजदूरी का 100 प्रतिशत खर्च उठाती थी। लेकिन नई योजना में केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 का लागत-बंटवारा लागू किया गया है। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है।