पडरौना। गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने उद्यम सखी योजना शुरू की है। जिले में 224 उद्यम सखियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ये सखियां अब हर न्याय पंचायत स्तर पर महिलाओं की टीम बनाकर उन्हें सूक्ष्म उद्योग से जोड़ेंगी। साथ ही उद्योग शुरू करने के लिए बैंकों से ऋण दिलाने में भी मदद करेंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से शुरू हुई उद्यम सखी योजना का मकसद महिलाओं को घर बैठे रोजगार देना है। उद्यम सखी योजना के तहत प्रत्येक न्याय पंचायत के महिलाओं का चयन किया गया है। इसके लिए चयनित उद्यम सखी को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में उद्योग की पहचान, डीपीआर बनाना, बैंक लोन की प्रक्रिया और मार्केटिंग के बारे में बताया गया है।
एनआरएलएम के डीसी फैजल आलम ने बताया कि जिले में कुल 224 उद्यम सखियों का चयन किया गया है। सभी को प्रमाण पत्र के साथ किट भी दी गई है।
वे ग्राम पंचायत में 10-15 महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें उद्योग के लिए प्रेरित करने के साथ सरकार की मुद्रा योजना, पीएमईजीपी और बैंक ऋण की जानकारी देकर उद्योग या स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगी।
यदि किसी महिला को उद्योग या रोजगार शुरू करने के लिए ऋण की जरूत है तो उद्यम सखी संबंधित महिलाओं का बायोडाटा और प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाकर बैंक तक पहुंचाएंगी, ताकि ऋण स्वीकृत कराने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि इस योजना से जुड़ी महिलाएं मसाला पैकिंग, अगरबत्ती, मोमबत्ती, पापड़-अचार, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, मुर्गी पालन और हैंडीक्राॅफ्ट जैसे सूक्ष्म उद्योग की स्थापना कर सकती हैं।