पडरौना/लक्ष्मीपुर। विभाग दो साल पुरानी सड़कों पर बने गड्ढे को भरने पर एक करोड़ से अधिक रुपये खर्च करेगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन अभी तक पैचिंग का कार्य शुरू नहीं हो सका है और बरसात शुरू हो गया है, ऐसे में पैचिंग कार्य कराना मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्र के गड्ढे में तब्दील सड़कों पर बारिश का पानी भरने के कारण लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। उधर पैचिंग कार्य नहीं होने पर विभाग के जिम्मेदारों की ओर से बरसात होने का तर्क दिया जा रहा है।
लोकनिर्माण विभाग के प्रांतीय खंड और निर्माण खंड की ओर से ब्लॉक के गड्ढे में तब्दील हुई दो साल पुरानी सड़कों को बरसात से पहले पैचिंग कराने के लिए टेंडर किया है। अधिकांश सड़कों पर अभी तक पैचिंग का कार्य नहीं कराया जा सका है, गड्ढ़ों में पानी भरने के कारण सड़कों से गुजरने वाले राहगिरों को हादसे का शिकार होना पड़ रहा है। बरसात होने के चलते पैचिंग का कार्य नहीं होने का तर्क ठेकेदार व जेई दे रहे हैं। शहर से सिंधुआ होते हुए दुदही जाने वाली सड़क पर 100 से अधिक गड्ढ़ा बना है, सिंधुआ में करीब तीन सौ मीटर सड़क गड्ढ़े में तब्दील हो गई है और बारिश का पानी भर गया है। इसके अलावा लुहठहा, खिरकिया जटहा मार्ग से मंसाछापर जाने वाली सड़क बनने के साथ ही टूट गई है। गोड़रिया से लुअठहा नव निर्माण सड़क भी टूट गई है। कुशीनगर, खड्डा, पडरौना, हाटा विधानसभा के अधिकांश सड़कें टूटी हैं, लोगों का आरोप है कि बरसात से पहले विभाग को टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर गड्ढ़े में तब्दील सड़कों का पैचिंग का कार्य पूरा करा लेना चाहिए। प्रांतीय खंड के एक्सईएन तेजप्रताप ने बताया कि बरसात के चलते जो पैचिंग का कार्य अधूरा हैं वह नहीं हो रहा है। जेई व ठेकेदारों को निर्देश दिया गया है।