गंगुआ बाजार। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के भटवलिया में गन्ना लदे ट्रक की चपेट में आने से हुई उमेश खरवार व बुधराम खरवार की मौत के बाद रविवार की भोर में शव गांव आया तो चीख-पुकार मच गई। हर कोई गमगीन हो गया। सुबह ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों चिताएं एक साथ जलीं तो पूरा गांव रो पड़ा। छह वर्ष के भीतर इस गांव में चौथी बार एक साथ दो-दो चिताएं जली हैं।
बिहार बार्डर पर स्थित समउर बाजार जो कि राजस्व अभिलेखों में बिहार खुर्द के नाम से दर्ज है। शनिवार की शाम इस गांव के बुधराम खरवार व उमेश खरवार बाइक से उमेश के पिता की अस्थियां विसर्जित करने सेवरही के शिवाघाट जा रहे थे। दोनों तमकुहीराज-सेवरही मार्ग पर स्थित भटवलिया गांव के समीप पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे गन्ना लदे ट्रक की चपेट में आ गए।
दुर्घटना में बुधराम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उमेश की मेडिकल काॅलेज रविंद्रनगर में इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद रविवार भोर में दोनों शव गांव लाया गया। सुबह 10 बजे के करीब गांव के ही श्मशान घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों की चिताएं एक साथ जली तो पूरा गांव रो पड़ा।
वैसे पिछले छह साल के भीतर इस गांव में चौथी बार एक साथ दो-दो चिताएं जली हैं।
फरवरी 2019 में इस गांव के बरसाती देवी व उनके पुत्र अजय मिश्रा की चिताएं एक साथ जली, दरसल माता बरसाती देवी के मौत के सदमे से तीन घंटे बाद बेटे अजय की मौत हो गई थी।
10 मार्च 2020 को कस्बा निवासी युवक विकास शर्मा व पिंटू गुप्ता की समउर-पटहेरिया मार्ग पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दोनों की चिताएं भी एक ही साथ जलीं। उसी साल जुलाई 2020 में इस गांव के दो किशोर मुकुल खरवार व अमन खरवार की पानी में डूबने से मौत हो गई। इन दोनों का अंतिम संस्कार भी एक ही साथ हुआ। अब रविवार की सुबह भी उमेश व बुधराम की चिता एक साथ जलीं।ं