गुरवलिया बाजा/ कुशीनगर। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र पशुओं की तस्करी को लेकर हमेशा चर्चित रहा है। इसका कारण क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति है। राष्ट्रीय राजमार्ग 28 से जुड़े इस थाना क्षेत्र की सीमा कसया, चौरा खास, पटहेरवा, सेवरही, विशुनपुरा व कुबेरस्थान थानों से जुड़ी है। वहीं घाघी नदी और ऐसे सूनसान कई छोटे जंगल है जहां पूर्व में आपराधिक गतिविधियों का बोलबाला रहा है। इसी थाना क्षेत्र से जुड़े चौराखास की भी सीमा बिहार के कटेया गोपालगंज और देवरिया से जुड़ती है, ऐसे में तुर्कपट्टी और चौराखास के सूनसान इलाकों में गोवंश को लोड कर तुर्कपट्टी और चौरा खास के इलाके होते हुए भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर आधा घंटे में बिहार चले जाते हैं। इसमें फाजिलनगर पुलिस चौकी की निष्क्रियता भी सामने आ चुकी है। जिले के चौराखास थाना के जौरा मुग़लही गांव में शनिवार की रात गांव वालों ने पशु तस्करों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। इस दौरान एक पशु तस्कर युवक को चाकू मारकर भाग गया, जबकि दूसरे पशु तस्कर को सूचना पर आई पुलिस ने हिरासत में ले लिया।सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि जिस जगह पर ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पिकअप को पकड़ा वहां पिछले कई साल से सूनसान इलाके में बेजुबानों को गाड़ियों पर लोड कर कभी मधुरिया होते हुए फाजिलनगर वाया कटेया पंचदेवरी तो कभी बनकटा होते हुए कटेया भोरे की ओर निकल जाते थे। चौरा खास थाना क्षेत्र में पिकअप पर भले ही गाड़ियों पर गोवंश लोड होते थे लेकिन मुख्य रूट तुर्कपट्टी क्षेत्र ही था। वहीं दो से चार लादे गए पशु छोटे पिकअप से तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के महुअवा कारखना, महासोंन सोहंग, गड़हिया से पटहेरवा थाना के अवरवा सोफीगंज, पटहेरिया होते हुए बिहार भेजे जा रहे हैं।
इसी प्रकार कसया थाना क्षेत्र के रजवाबर, मैनपुर, हतंवा मुड़ी कटवा, होते हुए चौरा खास थाना क्षेत्र के कोइसलवा बनकटा गांव के सूनसान रास्तों से बिहार भेज दे रहे हैं। तस्कर पशुओं की खरीदारी जहां एक-दो की संख्या में कर रहे हैं वहीं रात में आवारा पशुओं को भी पकड़ मालवाहक वाहनों में लाद ले रहे हैं। पूरी कहानी अक्सर सुबह चार बजे से आठ बजे के मध्य हो रहा है। खासकर तुर्कपट्टी थाना के पूरबी, उत्तर छोर के बीच घाघी नदी पर एवं कसया थानाक्षेत्र के नौका टोला के निकट घाघी नदी के तट पर नतीजा वह अपनी योजना बनाने और उस पर अमल करने में पूरी तरह कामयाब हो रहे हैं।