कुशीनगर में विश्व बैंक सहायतित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करती जीडीए की एक्सपर्ट टीम।
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35 करोड़ से होगा पर्यटन विकास
कसया (कुशीनगर)। कुशीनगर में पर्यटन विकास के लिए विश्व बैंक की सहायता से 35 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी तेज हो गई है। कार्यदायी संस्था जीडीए की एक्सपर्ट टीम ने शुक्रवार को कुशीनगर पहुंचकर प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया।
बीते वर्ष 26 अगस्त को कुशीनगर में पर्यटन विकास के लिए कमिश्नर जयंत नार्लिकर की अगुवाई में एक बैठक हुई थी। इसमें जिला प्रशासन के अलावा पर्यटन विभाग की तरफ से क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी गोरखपुर रविंद्र कुमार भी मौजूद थे। इसमें कुकुत्था नदी के सुंदरीकरण, कुशीनगर में बौद्ध विपश्यना केंद्र का उच्चीकरण, राजकीय बौद्ध संग्रहालय का उच्चीकरण, कुशीनारा फूड प्लाजा की स्थापना, उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम की इकाई होटल पथिक निवास का जीर्णोद्धार, पर्यटन कार्यालय के उच्चीकरण के अलावा बौद्धकालीन हिरण्यवती नदी पर एक फुट ब्रिज बनाने की चर्चा हुई थी। इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया था। शासन ने 35 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करते हुए गोरखपुर विकास प्राधिकरण को कार्यदायी संस्था नामित किया था। प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम के निर्देश पर शुक्रवार को जीडीए के एक्सईएन किशन सिंह, एई अनिल कुुमार सिन्हा व कसाडा के जेई महेश कुमार गौतम ने प्रस्तावित कार्यस्थलों का जायजा लिया। टीम के सदस्यों ने निरीक्षण के दौरान संबंधित जिम्मेदार लोगों से रिपोर्ट तैयार करने के लिए जानकारी जुुटाई। टीम ने विपश्यना केंद्र बनवारी टोला के संचालन और उसकी उपयोगिता को लेकर वर्मी बुद्ध विहार के प्रबंधक भदंत ज्ञानेश्वर से भी बातचीत की। पर्यटन विभाग की मानें तो जल्दी ही इन परियोजनाओं के फिजबिलिटी जांच के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की एक टीम भी आएगी।
इस मौके पर पर्यटक सूचना अधिकारी राजेश कुमार भारती, होटल पथिक निवास के प्रबंधक राजेश मणि त्रिपाठी, सतीश कुमार श्रीवास्तव, संग्रहालध्यक्ष अमित द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।