कीट से प्रभावित गन्ने की फसल। स्रोत-सोशल मीडिया
पकड़ियार बाजार। क्षेत्र के निचले स्तर की अधिकत्तर खेतों में बारिश का पानी अब एकत्र होने लगा है। ऐसे में किसानों की नकदी फसल के रूप में बड़े पैमाने पर की जा रही गन्ने की खेती इस समय नुकसान होने के कगार पर पहुंचने लगी है। क्षेत्र के अधिकांश गन्ने के खेतों में टाप सूट बोरर कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इससे फसल की ग्रोथ रुक गई है। यदि समय पर उपचार नहीं हुआ तो उसके उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
इस वर्ष समय से वर्षा न होने और लगातार तापमान बढ़ने के कारण कीटों और रोगों का प्रभाव बढ़ गया है। टाप सूट बोरर (चोटी बेधक) कीट से प्रभावित क्षेत्रों में गन्ने के ऊपरी सिरे सूखने लगे हैं।
यह कीट गन्ने के पौधे की पत्तियों और तनो में छेद कर दे रहे हैं, जिससे नवीन पत्तों का विकास व गन्ने की बढ़वार रुक गया है। किसानों का कहना है कि यह रोग खड़ी फसल को चौपट कर रहा है। यदि समय रहते उचित कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ तो पूरी साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। गांव सौरहा खुर्द के किसान रामकुवर पटेल बताते हैं कि उनके पूरे खेत में गन्ना रोग से बर्बाद हो रहा है। स्प्रे मशीन से दवा का छिड़काव करना अब असंभव है क्योंकि गन्ने के पौधे ऊंचे हो गए हैं। यदि चीनी मिल की तरफ से ट्रैक्टर या ड्रोन से बड़ी मशीनों से छिड़काव कराया जाए, तभी फसल बच सकती है। चरिघरवा के पारसनाथ, रामप्रीत, पुष्पेंद्र पांडेय, दूबरहा के बबलू, रामचंद्र और जगदेवा के रमायन, महेन्द्र, केदारनाथ, ने बताया कि टॉप सूट बोरर तेजी से खेतों में फैल रहे हैं। किसानों की मांग है कि कृषि विभाग और चीनी मिल इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल दवा और छिड़काव उपकरणों की व्यवस्था करें, ताकि समय रहते फसल को बचाया जा सके।