गैर बिरादरी के कारण परिवार को नहीं थी दोनों की शादी मंजूर, अक्सर होता थी कहासुनी
संवाद न्यूज एजेंसी
तरयासुजान। अरुण और नेहा ने अपने प्रेम को परिवार की रजामंदी दिलाने की बहुत कोशिश की लेकिन बिरादरी दोनों के रिश्ते के आड़े आ गई। हार कर चार महीने पहले दोनों घर से भाग गए और शादी कर ली। परिवार की याद आई तो दो महीने पहले घर लौट आए। घर में तो रहने लगे पर परिजनों के दिल में दुबारा जगह नहीं बना सके। यह बात दोनों को कचोटती थी। परिवार के साथ रहकर भी परिवार से दूर रहने की कसक अरुण के चेहरे पर दिखने लगी। वह गुमसुम रहने लगा। रविवार शाम करीब चार बजे वह बाहर से घर आया और सीधे दूसरी मंजिल पर बने अपने कमरे में चला गया। बताया जा रहा है कि उसने नेहा को सजने-संवरने को कहा और गुमसुम हो गया। यह बात नेहा ने परिवार के लोगों से बताई थी। कुछ देर बाद शृंगार कर वह कमरे में गई तो अरुण ने सिंदूर से उसकी मांग भरी और पहसुल से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
आठ माह पूर्व हुई थी दोनों की जान-पहचान :
बढ़ई टोला निवासी अरुण अपने दोस्त की रिश्तेदारी में करीब आठ माह पहले नेहा के गांव बरियापट्टी में गया था। वहां दोनों की जान-पहचान हुई। इसके बाद दोनों की बातचीत होने लगी। नेहा कॉलेज जाती थी, तो अरुण मिलने के लिए चला जाता। इसके बाद मोबाइल पर दोनों की बातें होने लगीं। नेहा ने परिजनों से शादी करने का प्रस्ताव रखा तो परिजनों ने सजातीय न होने का हवाला देते हुए मना कर दिया। इसपर दोनों भाग गए। नेहा के पिता ने बेटी को नाबालिग बताते हुए विशुनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई लेकिन जांच में युवती बालिग निकली और कलमबंद बयान में उसने अपनी मर्जी से जाने व शादी करने का बयान दिया। पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
परिवार नहीं था रिश्ते से खुश: अरुण के पिता हरिंदर की पहली पत्नी और बेटी काफी समय पहले घर छोड़कर जा चुके हैं। पत्नी के जाने के बाद हरिंदर ने दूसरी शादी कर ली। अरुण दो भाइयों में बड़ा था। पिता अरुण की शादी से खुश नहीं थे। नेहा के परिजन व रिश्तेदार भी उसे घर चलने के लिए दबाव डाल रहे थे लेकिन नेहा ने अरुण के साथ जीने मरने की बात कह परिजनों की बात ठुकरा दी। कुछ दिनों बाद पूर्व की भांति तरया सुजान बाजार स्थित कपड़े की दुकान पर अरुण काम करने भी जाने लगा। गांव वालों के अनुसार लोगों से कम बातचीत करने वाला अरुण कुछ दिनों से गुमसुम रहता था। दुकान पर काम करने जाता और घर लौट आता। उसकी शादी को लेकर दो दिन पूर्व उसकी पिता से कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है कि उसी के बाद अरुण नेहा को लेकर कहीं चला गया और रविवार सुबह ही घर लौटा। दिन में कहीं गया और शाम को चार बजे घर लौटा घटना को अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार घर वालों का ताना सुन-सुनकर अरुण परेशान था। उसने सब्जी काटने वाला पहसुल कमरे में पहले से छिपाकर रखा था। नेहा का गला रेतने के बाद उसने भी खुद को फंदे से लटका लिया।