रक्तदान : दूसरों के काम आने पर मिलती है खुशी
कसया (कुशीनगर)। जिले में भी ऐसे कुछ लोग हैं, जो रक्तदान के लिए जाने जाते हैं। समय-समय पर रक्तदान कर दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए कदम बढ़ाते हैं। न तो जान-पहचान देखते हैं न तो नाते और रिश्तेदारी। इनका उद्देश्य सिर्फ लोगों की जान बचाना होता है। किसी भी समय जरूरत पड़े ये महादानी हाजिर हो जाते हैं और बड़ी उत्सुकता के साथ अपना ब्लड डोनेट करते हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं जिन्होंने अपने उफर आई समस्याओं से सीख लेकर रक्तदान शुरू किया तो सिकी ने दूसरों से प्रेरणा ली। अपना खून देकर सिर्फ लोगों की जिंदगी बचाना ही नहीं, दूसरों को रक्तदान के लिए जागरूक करने का काम भी ये महादानी पूरी तन्मयता से कर रहे हैं। ऐसे ही कसया नगर के एक महादानी ने बातचीत में अपनी बात रखी।
नगर के फल विक्रेता अंगद मद्धेशिया ने अब तक करीब 36 बार रक्तदान कर चुक हैं।
वे बताते हैं कि वर्ष 2006 में उदित नारायण इंटरमीडिएट कॉलेज में इंटर प्रथम वर्ष के छात्र थे। पढ़ाई के साथ एनसीसी भी कर रहे थे। बताया कि एनसीसी कैंप में एक बार रक्तदान करने के बाद शरीर में नवीन ऊर्जा का अहसास हुआ। तभी से रक्तदान करने का यह सिलसिला जारी हुआ। बताया कि मुझे रक्त के लिए जब याद करता है तो कार्य छोड़कर वहां पहुंच जाता हूं। इसके लिए कोई कारण बाधा नहीं बनने देता हूं। कहा कि बीएचयू बनारस, पीजीआई लखनऊ, मेडिकल कॉलेज, निजी अस्पताल में भर्ती जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करता हूं। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने के तीन माह पूरा होने के बाद ही देता हूं। अंगद को कुछ माह पूर्व असम सरकार के राज्यमंत्री विजय कुमार गुप्त ने इस नेक व सराहनीय कार्य के सम्मानित किया था।
रक्तवीरों को आज सम्मानित करेगा अमर उजाला फाउंडेशन
पडरौना। विश्व रक्तदान दिवस पर मंगलवार को अमर उजाला और नोबल एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर का आयोजन हाटा नगर में किया गया है। बतौर मुख्य अतिथि सुबह 10 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ कुशीनगर के एसपी धवल जायसवाल करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक मोहन वर्मा और सीएमओ सुरेश पटारिया मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन हाटा नगर के बाघनाथ चौराहे के पास स्थित नोबेल एकेडमी के परिसर में किया जाएगा। इस शिविर में स्वैच्छिक रक्तदान करने के लिए 20 से अधिक लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।