बैठक करती हाईलेवल कमेटी। स्रोत-सोशल मीडिया
खडडा। गंडक नदी की बाढ़ से बचाव के लिए संभावित परियोजनाओं के विषय में बिहार-यूपी व नेपाल की विशेषता प्राप्त अभियंताओं की हाइलेवल कमेटी ने सोमवार को खडडा क्षेत्र के छितौनी बंधे का निरीक्षण किया। इसके बाद नेपाल सीमा पर संयुक्त बैठक कर आपस में विचार विमर्श किया।
बाढ़ बचाव के लिए बनी हाइलेवल कमेटी खडडा क्षेत्र के गंडक नदी के छितौनी तटबंध पर पहुंची। बीते दिनों बाढ़ के समय भैसहा गांव के पास तटबंध के किलोमीटर 8.800 के आसपास हुए कटान से बंधे पर खतरा मडराने लगा था। अगामी बाढ़ के खतरे से बचाव हेतु कार्ययोजना पर मंथन किया। बंधे के वीरभार ठोकर व स्पर सी समेत मदनपुर गांव के पास व सभी खतरे वाले बिंदुओं का भौतिक निरीक्षण किया।
यह कमेटी कार्ययोजना को सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजेगी। जीएफसीसी के निदेशक वरूण सिंह की अध्यक्षता में वर्ष 2026 में बाढ़ पूर्व गंडक नदी के प्रकोप से बचाव हेतु तैयारी को लेकर वी गैप बांध स्थित गेस्ट हाउस में यह बैठक आयोजित की गई। इस दौरान बाढ़ से हुई क्षति को देखते हुए मेंटेनेंस के लिए निर्देशित किया गया। अभियंताओं ने नेपाली क्षेत्र के ए गैप और बी गैप और रिंग बांध आदि का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया।
निदेशक बरूण सिंह ने बताया कि बाढ़ पूर्व कराए जाने वाले कार्यों एवं मेंटेनेंस का रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी। इस जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के गंडक बाढ़ नियंत्रण आयोग के निदेशक विवेक पाल, सहायक निदेशक मनीष कुमार, विवेक नंदन महाराजगंज के सहायक अभियंता रणजीत सिंह आदि मौजूद रहे।