जनपद से सटे बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के चिउटहां वन क्षेत्र के निकट बकरी चराने गई 40 वर्षीय एक महिला पर बाघ ने हमला कर मार डाला। उसके बाद करीब तीन घंटे तक शव के पास डेरा जमाए रहा। शव के पास बाघ के मौजूद रहने की वजह से वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी देर तक शव के पास नहीं पहुंच पाए। काफी मशक्कत के बाद शव कब्जे में लिया गया। एक सप्ताह पहले भी बाघ ने एक किशोर को मार डाला था। जंगल से निकलकर लोगों पर हमला कर रहे बाघों से सीमावर्ती क्षेत्रों में दहशत फैल गई है।
जनपद से सटे बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के चिउटहां वन क्षेत्र के सटे पुरैना कटेया गांव निवासी पार्वती देवी (40) तीन अन्य महिलाओं के साथ पूर्णापानी सरेह में बकरी चराने गई थीं। तभी जंगल से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया। साथ की महिलाएं शोर मचाते हुए भागकर जान बचाईं। सूचना पर चिउटहां वन क्षेत्र के रेंजर सुरेंद्र सिंह कर्मचारियों व ग्रामीणों के साथ पहुंचे, लेकिन बाघ महिला के शव के पास से नहीं हट रहा था। भय की वजह से काफी देर तक कर्मचारी शव के पास नहीं पहुंच पाए। काफी कोशिश के बाद शव को बाघ के चंगुल से मुक्त कराकर कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बीते 14 मई को इसी क्षेत्र में जिमरी नौतनवा गांव निवासी राजकुमार बैठा (13) को भी बाघ ने मार डाला था।
क्या बोले वीटीआर के वन संरक्षक
वन संरक्षक डॉ. नेशामनी ने बताया कि महिला बकरी चराने गई थी। बकरी चराते वक्त जंगल के काफी नजदीक पहुंच गई थी। इसी दौरान बाघ का हमला हुआ और महिला की मौत हो गई। गर्मी के दिनों में पानी के अभाव के कारण जंगली जानवर जंगल के बाहर आ जाते हैं। पहले से ही लोगों को जंगल के अंदर व नजदीक जाने से मना किया जा रहा है।