फाजिलगनगर की धरती से निकले तीन विधायक
देवरिया सदर से शलभ मणि त्रिपाठी, रामकोला (सु) से विनय प्रकाश गौड़ और फाजिलनगर से सुरेंद्र कुशवाहा जीते
पडरौना। फाजिलनगर विधानसभा सीट भगवान महावीर की निर्वाण स्थली है। यहां की भूमि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद एक बार फिर प्रदेश में चर्चा में है। यहां की धरती पर पले-बड़े भाजपा के तीन प्रत्याशी अलग-अलग विधानसभा सीटों से जीते हैं। इन प्रत्याशियों की जीत के बाद उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है। चारों तरफ केसरिया रंग दिख रहा है।
फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र के नारायनपुर निवासी विधायक गंगा सिंह कुशवाहा के बेटे सुरेंद्र सिंह कुशवाहा को भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया था। सुरेंद्र कुशवाहा शिक्षक हैं। उन्होंने बड़े अंतर से सपा उम्मीदवार व पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को हराया है। इस विधानसभा सीट से गंगा सिंह कुशवाहा विधायक हैं। क्षेत्र में विकास और पिता की उम्मीदों को पूरा करने के उद्देश्य से सुरेंद्र उनके नक्शे कदम पर चल पड़े हैं। उन्होंने पिता की गद्दी संभाल ली है।
इसी विधानसभा क्षेत्र के भठही खुर्द निवासी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनय प्रकाश गौड़ को भाजपा ने रामकोला (सुरक्षित) विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया। उन्होंने सपा के पूर्व विधायक पूर्णमासी देहाती को हराया है। विनय प्रकाश गौड़ पहली बार विधायक चुने गए हैं। उनके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है। फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र के दुमही निवासी शलभ मणि त्रिपाठी भाजपा के टिकट पर देवरिया सदर से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने पत्रकारिता छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी। पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देखते हुए प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया सलाहकार बनाया। उन्होंने पद के अनुरूप कार्य करते हुए कोविड संक्रमण के दौरान लोगों की खूब मदद की। उनकी कार्यशैली का इनाम देते हुए भाजपा ने उन्हें देवरिया सदर से प्रत्याशी घोषित किया। वह भी बड़े अंतर से चुनाव जीते हैं। उनके पैतृक गांव दुमही में जश्न का माहौल है।