उजारनाथ। तुर्कपट्टी क्षेत्र के चन्द्रौटा गांव में दो दिनों में तीन मासूमों पर कुत्तों ने हमला कर दिया। इस घटना से ग्रामीण दहशत में हैं। घायल बच्चों को जिला अस्पताल रविन्द्रनगर में भर्ती कराया गया है। यहां उनका उपचार चल रहा है।
गांव में तीन बच्चों पर हमले के बाद दहशत का माहौल है। लोग बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या काफी बढ़ गई है, लेकिन प्रशासन और नगर निकाय की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे पहले भी कई बार कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम करीब चार बजे गांव निवासी नाशीर अंसारी का छह वर्षीय बेटा जहान और अफजल अंसारी का पांच वर्षीय बेटा अयान घर के बाहर खेल रहे थे। उसी दौरान अचानक चार आवारा कुत्तों का एक झुंड वहां आ धमका और दोनों मासूमों पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चों को घेर लिया और उन्हें काटने लगे।
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर दौड़े। लाठी-डंडों से किसी तरह कुत्तों को भगाया गया, लेकिन तब तक दोनों बच्चे लहूलुहान हो चुके थे। घटना के बाद परिजन आनन-फानन में दोनों घायलों को जिला अस्पताल रविन्द्रनगर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया।
बच्चों के शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हैं। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन एंटी-रेबीज इंजेक्शन और लगातार निगरानी जरूरी बताई गई है। इस घटना से गांव के लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि रविवार की सुबह उसी गांव में एक और हमला हो गया। आस मोहम्मद के सात वर्षीय बेटे कैस को भी उन्हीं आवारा कुत्तों ने काट लिया। कैस घर के आसपास ही था, तभी कुत्तों ने उस पर झपट्टा मार दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे बचाया गया और तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।