कुशीनगर के टेकुआटार में आयोजित जनसभा कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ। संवाद
कुशीनगर। पिछली सरकारों में कुशीनगर पिछड़ेपन, पलायन, बीमारी का केंद्र बन गया था। संभावनाएं पहले भी थीं, लेकिन भय, भूख और गरीबी को मिटाने के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। इंसेफेलाइटिस से बच्चे तड़पकर मां की गोद में दम तोड़ देते थे।
बच्चों को बचाने की जिम्मेदारी पहले जिस सरकार पर थी वह संवेदनहीन हो गई थी। अन्नप्राशन के दौरान मां की गोद में रो रहा बच्चा जब मेरी गोद में आया तो चुप हो गया और उसके चेहरे पर चमक आ गई। बच्चे के चेहरे की खुशी बता रही थी कि डबल इंजन की सरकार में बचपन सुरक्षित है।
जब बचपन सुरक्षित है तो देश का भविष्य सुरक्षित होगा। ये बातें शनिवार को टेकुआटार में आयोजित जनसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहीं।
सीएम ने कहा कि एक समय था जब इसी मौसम में इंसेफेलाइटिस से हजारों बच्चे तड़पते थे और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सबसे अधिक मरीज कुशीनगर से पहुंचते थे। पूर्ववर्ती सरकारों में न संवेदना थी और न ही समस्या के समाधान की इच्छा। आज स्थिति बदल चुकी है और इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि अब मासूम बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखकर जीवन की सार्थकता का अनुभव होता है।
रामायणकालीन विरासत, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की तपोभूमि कुशीनगर में अपार संभावनाएं पहले भी थीं, लेकिन ईमानदार नीयत के अभाव में उनका लाभ नहीं मिल सका। डबल इंजन सरकार ने जिले में विकास की नई इबारत लिखी है। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय, पर्यटन विकास, नारायणी नदी पर नए पुल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है।
कुशीनगर के टेकुआटार में आयोजित जनसभा कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ। संवाद